बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा (kirodi lal meena) कल दौसा-अलवर बॉर्डर पर सूरेर ग्राम (राजगढ़) में अपनी मांगों को धरने पर बैठ गए थे. प्रशासन ने लगातार प्रयास किया कि किसी तरह मामला टाल जाए लेकिन वह नहीं उठे. आज जैसे जैसे धरने को खत्म कराया गया. कांग्रेस नेता कुवंर जितेंद्र सिंह और मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने मीणा की मुख्यमंत्री से बात कराने की जिम्मेदारी ली. इसके बाद धरना खत्म हो पाया. मीणा के प्रवक्ता धुंधीराम मीणा ने बताया कि 20 दिसम्बर को अलवर के सर्किट हॉउस में राहुल गांधी के सामने सुबह आठ बजे मुख्यमंत्री के सामने सात सदस्यीय समिति बैठेगी. वहां पर वार्ता होगी. अगर ऐसा नहीं तो 29 दिसम्बर के बाद जयपुर में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
बनाई गई 7 सदस्यीय कमेटी
आज धरने के बाद 7 सदस्यीय समिति बनाई गई जिसमें शराब ठेकेदार, सीएचए और महिला अत्याचार, पुजारियों के मामले में एक-एक व्यक्ति को शामिल किया है. कमेटी के सभी सातों लोग 20 दिसम्बर को अलवर के सर्किट हाउस में राहुल गांधी के सामने मुख्यमंत्री से मिलेंगे. इन सभी की मांगें बहुत दिनों से चल रही हैं. प्रवक्ता धुंधीराम मीणा ने बताया कि सरकार की पहल सकारात्मक है, इससे अब कमेटी की वार्ता के बाद मामला साफ होगा. उन्होंने कहा कि आज धरना खत्म हो गया है लेकिन मांग न मानी गई तो आंदोलन तेज होगा.
सांसद मीणा किसानों के कर्जे, बढ़ती बेरोजगारी, महिलाओं पर अत्याचार और पुजारियों पर हुए हमले को लेकर राहुल गांधी से मिलना चाहते हैं. किरोड़ी लाल मीणा का कहना है कि राहुल गांधी से अगर सरकार नहीं मिलने देती है तो हम आगे की तरफ कूच करेंगे, लेकिन राहुल से मिलकर रहेंगे. मीणा ने कहा, ‘राहुल भारत जोड़ने की बात कर रहे हैं. राहुल कहते हैं कि देश में नफरत है. राजस्थान में सांप्रदायिक दंगे हुए, राजस्थान में बेरोजगारी बढ़ी हुई है, राजस्थान में सबसे ज्यादा महंगाई है, राहुल को यही सब बताना है.’
वहीं किरोड़ी लाल मीणा के गांव में पहुंचने के बाद कांग्रेसी नेता और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं. जिसके बाद भारी पुलिस को डिप्लॉय किया गया. हालांकि प्रशासन बीजेपी सांसद को समझाने की पूरी कोशिश कर रहा है और सरकार के नुमाइंदियों से बातचीत कर रहा है, मगर किरोड़ीलाल मीणा धरने पर अड़े हुए हैं.
