विशेष अदालतों के काम से बहुत संतुष्ट नहीं रिजिजू

rashtrapathnews.com
Share on Social Media

नई दिल्ली . केंद्रीय विधि मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को कहा कि वह देश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों के मौजूदा कामकाज से बहुत संतुष्ट नहीं है. उन्होंने इस तरह की अदालतों की क्षमता बढ़ाने के लिए जांच एजेंसियों और फोरेंसिक प्रयोगशालाओं को मजबूत करने की वकालत की.

रिजिजू ने विज्ञान भवन में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में किसी व्यक्ति या राज्य का नाम लिए बिना कहा कि कुछ उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों को और अधिक काम करना होगा. फास्ट ट्रैक विशेष अदालत (एफटीएससी) योजना को न्याय विभाग के अधीन संचालित किया जा रहा है.

योजना के विस्तार की प्रक्रिया चल रही कानून मंत्री ने कहा कि मुझे सुनिश्चित करना है कि जो भी विधायी काम किए जाने हैं, जमीन पर किए जाएं. यह केंद्र प्रायोजित योजना है और शुरू में 2019 में एक साल के लिए शुरू हुई. योजना के आगे विस्तार की प्रक्रिया चल रही है. मैं आश्वासन दे सकता हूं कि हम इसे आगे बढ़ाएंगे.

1.37 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण रिजिजू ने एफटीएससी के संबंध में आंकड़े साझा करते हुए कहा कि मार्च 2018 में मामलों के लंबित रहने के आधार पर न्याय विभाग ने कुल 1,023 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें चिह्नित कीं, जिन्हें बलात्कार और पॉक्सो कानून से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए 31 राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों में लागू किया जाना था. इनमें 389 विशेष पॉक्सो अदालत हैं. इन 1,023 एफटीएससी में से 769 अदालत अभी तक 28 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शुरू हो चुकी हैं और 1.37 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण कर चुकी हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

एक साल तक शेयर बाजार में कारोबार नहीं कर सकेंगे अरशद वारसी

Share on Social Mediaनई दिल्ली . सेबी ने गुरुवार को अभिनेता अरशद वारसी, उनकी पत्नी मारिया गोरेटी और साधना ब्रॉडकास्ट के प्रवर्तकों सहित 45 इकाइयों को शेयर बाजार में कारोबार से एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है. नियामक ने यह कदम यूट्यूब चैनल पर निवेशकों को कंपनी के […]