फीफा वर्ल्ड कप के मैचों में रेफरी बनने का पुरुषों का एकाधिकार समाप्त, ये दो महिलाएं भी बनीं रेफरी इतिहास में ऐसा पहली बार होगा

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फीफा वर्ल्ड कप (Fifa World Cup) के मैचों में रेफरी बनने के मामले में पुरुषों का एकाधिकार समाप्त हो चुका है. अब महिलाओं ने भी इस क्षेत्र में अपने मजबूत कदम रख दिए हैं. ग्रुप लेवल के गेम में कोस्टा रिका और जर्मनी के बीच खेले जा रहे मुक़ाबले में गुरुवार को ये इतिहास रचा है.

फ्रांस की स्टीफ़नी फ़्रैपार्ट फ़ुटबॉल विश्व कप में पहली महिला रेफ़री होंगी.

फीफा वर्ल्ड कप में पहली बार जर्मनी और कोस्टा रिका के बीच होने वाले मैच में महिला रेफरी देखने को मिलेगी, फ्रांस की रहने वाली स्टेफनी फ्रापार्ट जर्मनी और कोस्टा रिका के बीच होने वाले मैच में फील्ड रेफरी की जिम्मेदारी संभालेंगी. इसके अलावा उनके साथ दो और अस्सिटेंट रेफरी के तौर पर भी महिलाएं ही साथ होंगी. जिनका नाम केरेन डियाज और नुइजा बैक है, ये दोनों भी अस्सिटेंट रेफरी के तौर पर मैच में नजर आएंगी. जिसे फीफा में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है.

स्टेफनी फ्रापार्ट इससे पहले क्लब के मैचों में बतौर रेफरी जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं. 38 साल की फ्रापार्ट 2019 में फ्रांस की लीग-1 में हुए मैचों में रेफरी बनी थी . खास बात यह है कि इस लीग से नेमार और मेसी जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी खेलते हैं.

विमेंस वर्ल्ड कप के फाइनल में रह चुकी है रेफरी

बता दें कि इससे पहले 2019 में हुए महिला विश्वकप (विमेंस वर्ल्ड कप) में भी फ्रापार्ट रेफरी की जिम्मेदारी निभा चुकी है. उन्होंने 2019 विमेंस वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में भी रेफरी की जिम्मेदारी निभाई थी. जबकि 2020 में आयोजित हुई चैंपियंस लीग में भी वे असिस्टेंट रेफरी रह चुकी है. जबकि अब वह एक और बड़ी जिम्मेदारी निभाने जा रही है, फ्रापार्ट अब मैन्स फुटबॉल मैच में रेफरी बनने वाली पहली खिलाड़ी होंगी.

साल 2020 में पुरुषों की चैम्पियंस लीग के एक मुक़ाबले में स्टीफ़नी फ़्रैपार्ट पहली महिला रेफ़री बन गई थीं. इसके साथ ही साल 2019 के यूरोपियन सुपर कप में लिवरपूल और चेलसी के मुक़ाबले में भी 38 वर्षीय स्टीफ़नी फ़्रैपार्ट मैच में रेफ़री बनने वाली पहली महिला बन चुकी हैं.

क़तर में खेले जा रहे इस विश्व कप में स्टीफ़नी फ़्रैपार्ट के अलावा, रवांडा की सलीमा मुकांसंगा और जापान की योशिमी यामाशिता को भी 36 रेफ़रियों की टीम में शामिल किया गया है.

वहीं इस उपलब्धि पर स्टेफनी फ्रापार्ट ने भी बड़ा बयान दिया है, उनका कहन है कि उन्हें इस बात की बहुत खुशी है कि वह वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई, इससे यह बदलाव देखने को मिल रहा है कि अब सिलेक्शन जेंडर के आधार पर नहीं बल्कि योग्यता के आधार पर होता है. मुझे इस काम के लिए चुने जाने से दुनिया में अच्छा संदेश जाएगा. बता दें कि स्टेफनी फ्रापार्ट पहली ऐसी रेफरी होगी जो मैन्स मैच में रेफरी बनेगी.

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