जातीय गणना से निजता का हनन कैसेः सुप्रीम कोर्ट

rashtrapathnews.com
Share on Social Media

नई दिल्ली. बिहार में जातीय गणना पर शुक्रवार सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने सवाल किया कि क्या गणना से संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत लोगों के निजता का अधिकार प्रभावित होगा. कोर्ट ने यह भी पूछा, जब बिहार जैसे राज्य में हर कोई अपने पड़ोसियों की जाति जानता है, तो क्या राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे जाति सर्वे से लोगों की निजता का उल्लंघन होगा.

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और एसवीएन भट्टी की पीठ ने पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दी अर्जी मामले में टिप्पणी की. बिहार सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने पीठ को बताया कि छह अगस्त को जातीय सर्वे का काम पूरा हो गया. इसके बाद पीठ ने कहा कि हम मामले में नोटिस जारी नहीं करेंगे, बल्कि विस्तार से सुनेंगे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

पूर्व सांसद 28 साल पुराने हत्याकांड में दोषी

Share on Social Mediaनई दिल्ली. सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को 28 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में राजद नेता व पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को दोषी ठहराया है. शीर्ष न्यायालय ने पटना उच्च न्यायालय के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें सिंह को निचली अदालत द्वारा बरी किए जाने […]