मुंबई . बंबई हाईकोर्ट ने मुआवजे के खिलाफ एक बीमा कंपनी की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि टायर फटना दैवीय घटना नहीं, बल्कि मानवीय लापरवाही है.
न्यायमूर्ति एसजी डिगे की पीठ ने अपने आदेश में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के 2016 के फैसले के खिलाफ न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की अपील खारिज कर दी. न्यायाधिकरण ने इस बीमा कंपनी को मकरंद पटवर्धन के परिवार को 1.25 करोड़ का भुगतान करने का निर्देश दिया था. पटवर्धन 25 अक्टूबर 2010 को दो सहयोगियों संग पुणे से मुंबई जा रहे थे. इसी दौरान कार का पिछला पहिया फट गया और कार गहरी खाई में जा गिरी. हादसे में मकरंद पटवर्धन की मौके पर ही मौत हो गई थी. न्यायाधिकरण ने आदेश में कहा था कि मकरंद पटवर्धन परिवार में इकलौता कमाने वाला था. बीमा कंपनी ने अपील में मुआवजे की राशि को अत्यधिक बताया था और कहा था कि टायर फटने की घटना दैवीय थी, न कि चालक की लापरवाही थी.
