हॉलमार्क वाली गोल्ड ज्वेलरी में अब ज्वेलर का नाम नहीं दिखेगा

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भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने स्वर्ण आभूषणों की हॉलमार्किंग मामले में बड़ा बदलाव किया है. इसके तहत बीआईएस केयर ऐप में छह अंकों वाला हॉलमार्किंग आईडी नंबर डालने पर हॉलमार्किंग करने वाले ज्वेलर का नाम नहीं दिखाई देगा. इसकी जगह उसका लाइसेंस नंबर ही दिखाई देगा. यह फैसला ज्वेलर्स संगठनों की मांग के मद्देनजर लिया गया है.

दरअसल, बीआईएस ने एक अप्रैल 2023 से देश के 288 जिलों में छह अंकों वाली हॉलमार्किंग आईडी व्यवस्था लागू कर दी है. इसके तहत बीआईएस केयर एप में आईडी संख्या डालकर आभूषण और उसे तैयार करने वाले ज्वेलर की पूरी जानकारी देखने की सुविधा दी गई थी. इसके लागू होने के बाद ज्लेवरों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा था. इस मुद्दे को ज्वेलरों के कई संगठनों ने अलग-अलग मंचों पर उठाया था.

यह भी बदलाव होगा

ऐप से आभूषण के निर्माण की तिथि की जानकारी भी हटाने की तैयारी है. इसका कारण बताया जा रहा है कि गहने बिकने में कुछ माह या साल लग जाते हैं. ऐसे में खरीदारों द्वारा निर्माण की तिथि जानने पर उसे नहीं खरीदने के मामले सामने आ रहे थे.

आभूषण विक्रेताओं को यहां हो रही थी दिक्क्त

कई छोटे और रिटेल ज्वेलर्स अपने लिए आभूषणों की खरीद बड़े होलसेलर और निर्माता से करते हैं. बीआईएस नियमों के मुताबिक जो भी आभूषण तैयार करके बेचेगा, उसका नाम हॉलमार्किंग के साथ दिखेगा. ज्वेलर संगठनों को इस पर आपत्ति थी. उनका कहना था कि छोटे ज्वेलर से गहने खरीदने पर उसका नाम हॉलमार्किंग में नहीं दिखता है. इससे ग्राहकों में विश्वास का संकट पैदा हो रहा था. कई ग्राहक छोटे ज्वेलर के पास न जाकर सीधे होलसेलर या बड़े निर्माता के पहुंच रहे थे. इसके चलते छोटे ज्वेलरों का व्यापार प्रभावित होने की आशंका थी.

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