महाराषट्र: निर्वाचन आयोग ने हाल में पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न ‘धनुष-बाण’ शिंदे नीत खेमे को आवंटित किया था, जिससे उद्धव ठाकरे को करारा झटका लगा था और अब उद्धव के वफादार सुभाष देसाई के बेटे भूषण देसाई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए, हैं जिससे उद्धव ठाकरे खेमे को एक और बड़ा झटका लगा है. पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के प्रमुख सहयोगी सुभाष देसाई ने इसे चिंताजनक बताते हुए कहा कि उनके बेटे के कदम से पार्टी और ठाकरे परिवार के प्रति उनकी वफादारी में कोई बदलाव नहीं आएगा. देसाई ने सत्ताधारी संगठन में अपने बेटे के शामिल होने को तवज्जो नहीं देने की कोशिश की.
सुभाष देसाई ने कहा कि भूषण देसाई की राजनीति या शिवसेना (यूबीटी) में कोई भूमिका नहीं थी. गौरतलब है कि. भूषण देसाई को मुख्यमंत्री शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल किया गया. शिंदे और शिवसेना के अन्य नेताओं ने एक समारोह में भूषण देसाई का पार्टी में स्वागत किया. सुभाष देसाई दिवंगत बालासाहेब ठाकरे और उनके बेटे और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे परिवार के पांच दशकों से अधिक समय से करीबी विश्वासपात्र हैं.
उन्होंने तत्कालीन महा विकास अघाड़ी सरकार में मंत्री के रूप में भी काम किया था, जिस सरकार को जून 2022 में विद्रोह के बाद शिंदे गुट ने गिरा दिया था. शिवसेना में आने पर, भूषण देसाई ने मीडियाकर्मियों से कहा कि वह सीएम शिंदे की कार्यशैली से प्रभावित थे और अपने पिता के साथ चर्चा करने के बाद उन्होंने पार्टी में शामिल होने का फैसला किया. उन्होंने कहा, मैंने शिवसेना में शामिल होने का मन बना लिया था, जो दिवंगत हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के आदर्शों पर चलती है. पार्टी मुझे जो भी जिम्मेदारी देगी, मैं उसे निभाऊंगा. शिंदे और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनके कदम के लिए भूषण देसाई की सराहना की, उन्हें पार्टी के झंडे और अन्य प्रतीक दिए गए.
भूषण देसाई के पिता, सुभाष देसाई, ठाकरे परिवार के करीबी विश्वासपात्र हैं और महाराष्ट्र में महा विकास आघाडी (एमवीए) शासन के दौरान उद्योग और खान मंत्री के रूप में कार्यरत थे. दूसरी ओर, भूषण देसाई विधानसभा सत्र में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) भूमि घोटाला मामले में आरोपी थे, जिसके लिए सरकार ने जांच के आदेश दिए थे. भूषण देसाई के शिंदे गुट में शामिल होने के कदम को एक महत्वपूर्ण विकास के रूप में देखा जा रहा है, विशेष रूप से आगामी बीएमसी चुनावों को देखते हुए. शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कहा: “भूषण देसाई यूबीटी (गुट) के सक्रिय सदस्य नहीं हैं, लेकिन उनके पिता सुभाष देसाई कई वर्षों से हमारे साथ हैं. जो कोई भी वाशिंग मशीन में कूदना चाहता है, वह कूद सकता है.”
उद्धव ठाकरे को करारा झटका सुभाष देसाई के पुत्र ने थामा सीएम शिंदे की शिवसेना का हाथ
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