ईरान-इजराइल जंग की इनसाइड स्टोरी

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मुंबई । मिडल-ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच गहराता तनाव इस वक्त दुनिया के लिए सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। दशकों पुरानी यह दुश्मनी आखिर शुरू कैसे हुई और इसके पीछे के खुफिया ऑपरेशन्स की हकीकत क्या है?

इसे समझने के लिए किताबों के बजाय सिनेमा एक बेहतरीन जरिया हो सकता है। पेश हैं वो 5 ‘मस्ट वॉच’ फिल्में और सीरीज, जो युद्ध और जासूसी के इस खतरनाक खेल को बखूबी दिखाती हैं।

1. तेहरान (Tehran) – मोसाद की खुफिया पैठ

यह एमी अवॉर्ड विजेता इजराइली स्पाई थ्रिलर सीरीज रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी है।

सीरीज एक ऐसी मोसाद एजेंट (ईरानी-यहूदी मूल) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पहले मिशन पर तेहरान भेजी जाती है।

क्यों देखें – यह सीरीज हिब्रू, फारसी और अंग्रेजी में है और दिखाती है कि कैसे खुफिया एजेंसियां दुश्मन देश के अंदर जाकर खेल पलटती हैं।

2. फौदा (Fauda) – अराजकता और जमीनी हकीकत

नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध ‘फौदा’ (जिसका अरबी में अर्थ ‘अराजकता’ है) को दुनिया की सबसे चर्चित इजराइली सीरीज माना जाता है।

यह इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) की अंडरकवर यूनिट के कमांडो डोरोन और उनकी टीम की कहानी है।

इसे बनाने वाले लियोर रज खुद IDF में रहे हैं, इसलिए इसमें दिखाया गया एक्शन और ड्रामा बेहद वास्तविक और कच्चा (Raw) लगता है।

3. रेड अलर्ट (Red Alert) – हालिया संघर्ष की दर्दनाक दास्तां

यह 4 एपिसोड की एक इंटेंस मिनी-सीरीज है, जो पूरी तरह से भावनाओं और युद्ध की विभीषिका पर आधारित है।

यह सीरीज 7 अक्टूबर, 2023 को इजराइल पर हुए हमलों की खौफनाक घटनाओं और उसके बाद के संघर्ष को दिखाती है। यह मौजूदा तनाव की ताज़ा कड़ी को समझने के लिए जरूरी है।

4. द स्पाई (The Spy) – इतिहास का सबसे बड़ा जासूस

अगर आप सच्ची घटनाओं और कैरेक्टर-ड्रिवन कहानियों के शौकीन हैं, तो यह मिनी-सीरीज आपके लिए है।

यह इजराइल के मशहूर जासूस एली कोहेन की सच्ची कहानी है, जिसने 1960 के दशक में सीरिया में घुसकर इजराइल के लिए जासूसी की थी। यह दिखाती है कि एक जासूस का बलिदान युद्ध की दिशा कैसे बदल सकता है।

 

5. वन विश फॉर ईरान, लव इजराइल – शांति की एक उम्मीद

युद्ध और बमबारी की कहानियों के बीच यह फिल्म एक अलग नजरिया पेश करती है।

इसमें आम इजराइली और ईरानियों को एक-दूसरे के प्रति प्यार और शांति के संदेश साझा करते दिखाया गया है। यह याद दिलाती है कि सरकारों और सेनाओं की दुश्मनी के बीच आम इंसान सिर्फ अमन चाहता है।

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