रायपुर. विधानसभा चुनाव में भाजपा का एक भी ऐसा नेता नहीं रहा जिसे उनके नेतृत्व ने पूरे प्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए भेजा हो. संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने दावा किया कि सभी अपनी सीटों पर फंसे रहे, 3 दिसंबर को चुनाव परिणाम आते ही भाजपा के ये सभी बड़े नेता धराशायी हो जाएंगे. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी चुनाव के दौरान अपने विधानसभा से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं दिखा पाए. इधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ही इकलौते नेता रहे जिनकी सभी 90 सीटों में डिमांड थी. संचार प्रमुख के मुताबिक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी 90 सीटों में धुआंधार जनभाएं की. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी की ऐतिहासिक सभाओं के सामने मोदी की सभाएं भी फीकी रही. चुनाव के दौरान जनता के मूड से साफ हो गया था कि राज्य में फिर से कांग्रेस की
सरकार बनेगी. भाजपा फिर बुरी तरह हार का सामना करने वाली है. भाजपा के बड़े नेता रमन, बृजमोहन, साव, चंदेल, अजय चंद्राकर, शिवरतन और मूणत भी चुनाव हार रहे हैं. भाजपा नेताओं पर उनके केन्द्रीय नेतृत्व ने भी भरोसा नहीं जताया. उनका एक भी ऐसा नेता नहीं था जिसे पूरे राज्य में प्रचार के लिए भेजा गया हो. सभी अपनी सीटों में फंसे पड़े थे. इसके विपरीत कांग्रेस ने तो अपने नेतृत्व को आगे कर मजबूती से चुनाव लड़ा. मोदी के डेढ़ दर्जन केन्द्रीय मंत्री, आधा दर्जन मुख्यमंत्री सिर्फ नुक्कड़ सभा कर लौट गए. अमित शाह के कार्यक्रम में तो पूरा स्टेडियम भी नहीं भर पाया. जबकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की राजधानी के सम्मेलन में 3 लाख से ज्यादा युवा जुटे.
