छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सख्ती: अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस, बायोमैट्रिक से ही मिलेगा वेतन

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कवर्धा। जिला पंचायत कवर्धा में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। सीईओ जिला पंचायत अभिषेक अग्रवाल ने एक ओर जहां लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की है, वहीं दूसरी ओर पूरे अमले के लिए बायोमैट्रिक उपस्थिति के आधार पर वेतन भुगतान अनिवार्य कर दिया है।
अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस

दरअसल, 14 अप्रैल को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए थे। इस महत्वपूर्ण दिन पर जनपद पंचायत कवर्धा और बोड़ला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बिना पूर्व सूचना और अनुमति के मुख्यालय से अनुपस्थित पाए गए।

इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सीईओ अभिषेक अग्रवाल ने दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में इसे पदीय दायित्वों की अवहेलना, कदाचार और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उल्लंघन के रूप में उल्लेख किया गया है।
जवाब नहीं देने पर होगी कार्रवाई

जारी निर्देशों में दोनों अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि समय पर जवाब नहीं देने या असंतोषजनक जवाब मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बायोमैट्रिक उपस्थिति से मिलेगा वेतन

प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एक और बड़ा निर्णय लिया गया है। अप्रैल 2026 से जिला पंचायत के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन आधार आधारित बायोमैट्रिक ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर ही जारी किया जाएगा।

निर्देशों के अनुसार सभी कर्मचारियों को सुबह 10 बजे तक कार्यालय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। इसी के आधार पर वेतन जारी किया जाएगा, जिससे अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ेगी।
प्रशासनिक सख्ती का स्पष्ट संदेश

इन दोनों फैसलों को प्रशासनिक सख्ती के बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई कर जवाबदेही तय की जा रही है, वहीं दूसरी ओर तकनीकी व्यवस्था के जरिए पूरे सिस्टम को अनुशासित और समयबद्ध बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

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