रायपुर सेंट्रल जेल का ‘आस्था कैफे’ बना ब्रांड, मिली FSSAI की मंजूरी

rashtra path
0 0
Share on Social Media
Read Time:2 Minute, 59 Second

रायपुर। रायपुर सेंट्रल जेल का आस्था कैफे अब बंदियों के हुनर को नई पहचान दिलाते हुए ब्रांडेड कैटेगरी में शामिल हो गया है। छह महीने तक रिनोवेशन के चलते बंद रहने के बाद कैफे को नए कलेवर में फिर से शुरू किया गया है। खास बात यह है कि यहां तैयार होने वाले नमकीन और मिक्सचर को अब भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की मंजूरी मिल गई है और इन्हें पैकेजिंग के साथ ब्रांड प्रोडक्ट की तरह बेचा जा रहा है।

जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री के अनुसार अगले महीने से यहां ओपन माइक प्रोग्राम भी शुरू किया जाएगा, जिसमें युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा। कैफे में रोजाना 600 से ज्यादा समोसे और 300 प्लेट मूंग बड़े की बिक्री हो रही है। यह पहल न सिर्फ बंदियों के स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा दे रही है, बल्कि समाज की सोच बदलने की दिशा में भी अहम भूमिका निभा रही है।

जेल में तैयार होने वाले नमकीन और मिक्सचर अब खुले में नहीं, बल्कि आकर्षक पैकेजिंग में बेचे जा रहे हैं। एफएसएसओआई से मंजूरी मिलने के बाद इनकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ी है। विधानसभा सत्र के दौरान मंत्रियों और विधायकों को भी यह परोसा गया, जिससे इसकी पहचान और मांग दोनों बढ़ी हैं। रोजाना 300 से अधिक पैकेट तैयार किए जा रहे हैं।

आस्था कैफे में मूंग बड़ा सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है, जबकि समोसा दूसरे नंबर पर है। इसके अलावा जलेबी की भी अच्छी डिमांड रहती है। कैफे सुबह और शाम दो पालियों में संचालित होता है, जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। स्वाद और गुणवत्ता के कारण यह जगह अब शहर में अलग पहचान बना रही है।

सुधार और स्किल डेवलपमेंट का जरिया कैफे का उद्देश्य बंदियों को स्किल सिखाना और उनके व्यवहार में सुधार लाना है। अच्छा आचरण करने वाले बंदियों को ही यहां काम करने का मौका मिलता है। इससे वे आत्मनिर्भर बनते हैं और जेल से बाहर निकलने के बाद रोजगार के अवसर भी तलाश सकते हैं। यह पहल समाज में बंदियों के प्रति नजरिया बदलने में भी मददगार साबित हो रही है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

बस्तर में बदलाव : रात में सड़क मार्ग से सातधार CRPF कैंप पहुंचे गृहमंत्री विजय शर्मा, इस रोड पर कभी जोखिम भरा होता था सफर

Share on Social Mediaबस्तर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने बुधवार को बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों का दौरा करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। वे बस्तर से दंतेवाड़ा, बारसूर और माडुम घाटी होते हुए सड़क मार्ग से रात करीब 9 बजे सातधार स्थित CRPF कैंप पहुंचे। […]

You May Like