कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों को लेकर सबसे पहले अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया। इस सूची में शामिल कई ऐसे नाम सामने आए हैं, जो पिछले दिनों चर्चित रहे। लड़की हूं, लड़ सकती हूं…के स्लोगन के साथ आगे बढ़ रही कांग्रेस ने उम्मीदवारों की घोषणा में भी इसी बात का संदेश दिया है।
उन्नाव की चर्चित सदर विधानसभा सीट से उन्होंने रेप पीड़िता की मां का टिकट फाइनल किया है, तो वहीं, लखीमपुर खीरी की मोहम्मदी सीट से रितु सिंह को टिकट दिया है। रितु सिंह के साथ ब्लॉक प्रमुख चुनाव के नामांकन के दौरान बदसुलूकी की गई थी। राजनेताओं की तरह आर्थिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि से न होने के बावजूद भी कांग्रेस ने इन सीटों पर उन्हें अपना चेहरा बनाया है।लोग इसे सिम्पैथी कार्ड की तरह देख रहे हैं, लेकिन यह कांग्रेस की राष्ट्रीय स्तर पर सोची समझी रणनीति है। सूत्रों की मानें तो हार-जीत एक अलग बात है, इन उम्मीदवारों को टिकट देने मात्र को ही कांग्रेस अपनी जीत मान रही है। आइए जानते हैं, कैसे राजनीतिक धुरंधरों और जातिगत समीकरण बीच कांग्रेस ने ताकत देने की शुरुआत भर की है।
रेप पीड़िता के क्षेत्र उन्नाव सदर विधानसभा सीट में आता है। 2017 में गैंगरेप का मामला सामने आया था। आरोप भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर लगा था, इसलिए मामला काफी सुर्खियों में आया था। अब फिर से इसकी बात हो रही है।
उन्नाव विधानसभा सीटः कौन, कितना मजबूत
भाजपा के पंकज गुप्ता 2017 के चुनाव में जीते थे। वैश्य समाज से आते हैं।
सपा से मनीषा दीपक दूसरे नंबर पर रहीं थीं। वह और उनके पति दोनों का ही निधन हो चुका है। उनके बेटे अभिनव कुमार टिकट मिल सकता है। मल्लाह समाज से आते हैं।
