वाडिया समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन गो फर्स्ट बंद होने के कगार पर पहुंच गई है. नकदी के गंभीर संकट की वजह से तीन, चार और पांच मई की अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित रखेगी.
एविएशन रेगुलेटर DGCA को दी गई जानकारी में GoFirst ने बताया कि 4 मई तक फ्लाइट की सभी बुकिंग को बंद कर दिया है. बता दें कि इंजन और कैश फ्लो की कमी के चलते उड़ानों को कैंसिल किया गया है. इंजन की कमी के चलते एयरलाइन को लगभग अपने आधे बेड़े के साथ काम करना पड़ रहा है. एयरलाइन ने इंजन को तत्काल उपलब्ध कराने को लेकर अर्जी दी है.
दिवालिया होने की कगार पर GoFirst
Go First एयरलाइन ने दावा किया है कि अगर विमान इंजन निर्माता प्रैट एंड व्हिटनी ने उसे तुरंत इंजन सप्लाई नहीं किया तो कंपनी दिवालिया हो जाएगी. Go Air ने अमेरिका के Delaware कोर्ट में Pratt & Whitney के खिलाफ इमरजेंसी अर्जी भी दी है.
Go First के सीईओ कौशिक खोना ने बताया कि गो फर्स्ट ने NCLT के पास दिवालिया कार्यवाही के लिए स्वैच्छिक रूप से एप्लिकेशन दिया है.
एयरलाइन ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण में स्वैच्छिक दिवाला समाधान प्रक्रिया के लिए भी आवेदन किया है. एयरलाइन के प्रमुख कौशिक खोना ने कहा कि एयरलाइन को प्रैट एंड व्हिटनी से इंजन की आपूर्ति नहीं मिलने की वजह से अपने बेड़े के आधे से अधिक यानी 28 विमानों को खड़ा करना पड़ा है. इससे एयरलाइन के समक्ष नकदी का संकट पैदा हो गया है.
डीजीसीए ने एयरलाइन को नोटिस भेजा
किफायती विमानन सेवा प्रदाता गो फर्स्ट द्वारा उड़ानें निलंबन के फैसले पर नागर विमानन निदेशालय (डीजीसीए) ने उसे नोटिस जारी किया है. एयरलाइन से 24 घंटे में जवाब मांगा गया है. डीजीसीए ने कहा, यह उड़ान कार्यक्रम की स्वीकृति के लिए रखी शर्त का उल्लंघन है. इससे यात्रियों को असुविधा होगी.
