पिछले साल जनवरी से अशनीर ग्रोवर और BharatPe के बीच विवाद शुरू होने के बाद से कंपनी अभी तक पटरी पर नहीं लौट पाई है. अशनीर ग्रोवर के इस्तीफा देने के बाद पिछले एक साल में कंपनी के कई बड़े अधिकारी अपना पद छोड़ चुके हैं.
इस कड़ी में नया नाम सुहैल समीर (Suhail Sameer) का जुड़ गया है. पहले यह खबर आई थी कि सुहैल समीर जनवरी के अंत तक इस्तीफा दे सकते हैं लेकिन अब उन्होंने 3 जनवरी को ही अपना पद छोड़ दिया है. नलिन नेगी (Nalin Negi) को BharatPe का अंतरिम CEO नियुक्त किया गया है. BharatPe ने इस मामले में बयान जारी करते हुए कहा है, “7 जनवरी 2023 से समीर सुहैल कंपनी के स्ट्रैटेजिक एडवाइजर की जिम्मेदारी संभालेंगे.” कंपनी ने कहा कि इससे CFO नलिन नेगी को CEO पद पर ट्रांजैक्शन आसानी से हो पाएगा.
कंपनी फिलहाल अपने ग्रोथ पर फोकस कर रही है इसी को ध्यान में रखते हुए लीडरशिप में बदलाव कर रही है. पिछले महीने तीन सीनियर एग्जीक्यूटिव्स- चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर विजय अग्रवाल, पोस्टपे हेड नेहुल मल्होत्रा और चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर (लेंडिंग और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स) रजत जैन ने कंपनी से इस्तीफा दे दिया था. अब सुहैल समीर ने भी अपना पद छोड़ दिया है. कंपनी के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर निशीत शर्मा ने जून में इस्तीफा दे दिया था.
अशनीर ग्रोवर की हाल ही में एक किताब आई है. इस किताब का नाम ‘दोगलापन’ है. ग्रोवर ने दावा किया था कि उनकी किताब ‘दोगलापन’ में ऐसे सच छिपे हैं, जो भारतपे के अधिकारियों में तहलका मचा देंगे. इस किताब में अशनीर ने भारतपे के सीईओ सुहैल समीर पर कंपनी की संपत्ति का गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया है. पहले भी अशनीर भारतपे और उसके अधिकारियों पर इस तरह के आरोप लगा चुके हैं.
भारतपे के फाउंडिंग मेंबर्स में से एक सत्यम नैथानी भी जून में कंपनी से विदा हो गए थे. जून के आखिरी हफ्ते में कंपनी की टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट डिवीजंस की देखरेख कर रहे भाविक कोलाडिया ने भी इस्तीफा दे दिया है. भारतपे को कोलिडिया और शाश्वत नकरानी ने स्थापित किया था. इससे जून 2018 ग्रोवर भी जुड़ गए थे.
