महिला आरक्षण बिल पर भूपेश बघेल के तीखे सवाल, कहा – जनगणना से क्यों भाग रही सरकार?… महिलाओं के नाम पर राजनीति कर रही बीजेपी

rashtra path
Share on Social Media

रायपुर। महिला आरक्षण बिल को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रेसवार्ता में केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम सर्वसम्मति से पारित होने के बावजूद अब तक लागू नहीं किया गया और इसे जानबूझकर लंबित रखा गया है।  बघेल ने आरोप लगाया कि केंद्र द्वारा लाया गया संशोधन वास्तविक महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि परिसीमन से जुड़ा प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि 2023 में पारित बिल में स्पष्ट रूप से लिखा था कि पहले जनगणना और फिर परिसीमन किया जाएगा, लेकिन अब तक जनगणना नहीं कराई गई। बघेल ने आरोप लगाया कि जिस महिला आरक्षण विधेयक का श्रेय बीजेपी ले रही है, वह वास्तव में सितंबर 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका था। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा संशोधन विधेयक के जरिए बीजेपी परिसीमन (Delimitation) का मुद्दा थोपना चाहती है। बघेल के अनुसार, जनगणना और परिसीमन के पीछे SC, ST और OBC वर्ग के आरक्षण और प्रतिनिधित्व के अधिकारों को कमजोर करने की मंशा छिपी हुई है। पूर्व सीएम बघेल ने सवाल उठाया कि जब बिहार सहित कई राज्यों में SIR लागू किया जा सकता है तो जनगणना कराने में देरी क्यों हो रही है। इसके पीछे उद्देश्य महिलाओं और छोटे राज्यों के अधिकारों को सीमित करना है। भूपेश बघेल ने कहा कि परिसीमन के बाद बड़े राज्यों को ज्यादा फायदा होगा, जबकि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश जैसे छोटे राज्यों को नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सीटों की संख्या बढ़ने के बाद बड़े राज्यों का प्रतिनिधित्व तेजी से बढ़ेगा, जिससे असंतुलन पैदा होगा। बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के बीच इस तरह का संबोधन भाजपा के प्रचार जैसा प्रतीत होता है। पहले राष्ट्रीय संकट के समय ही इस तरह के संबोधन होते थे। उन्होंने भाजपा, जनसंघ, RSS और विहिप पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इन संगठनों ने कभी महिलाओं को नेतृत्व में आगे नहीं बढ़ाया। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं को आरक्षण देने की पहल सबसे पहले कांग्रेस ने की थी। बघेल ने कहा, विष्णु जी आपको तकलीफ है तो कौशल्या भाभी को सीएम बना दो। आरक्षण की सोच कांग्रेस की रही है, बीजेपी ने इसमें अड़ंगा लगाया। यह बिल 1989 में ही पारित हो सकता था। 1994 के पहले पंचायती राज चुनाव में आरक्षण लागू हो चुका था। जब-जब बिल आया, तब बीजेपी ने विरोध किया था। उन्होंने कहा, बीजेपी केवल महिला विरोधी है। महिलाओं को सामान्य अधिकार देने का काम कांग्रेस ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

ड्रेस कोड विवाद: हिंदू संगठन ने स्टोर्स में जाकर किया विरोध प्रदर्शन, कर्मचारियों को तिलक लगाकर बांधा कलावा

Share on Social Mediaबिलासपुर। देश के अलग-अलग हिस्सों में चश्मा कंपनी Lenskart के ड्रेस कोड विवाद को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी कड़ी में आज छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भी विरोध की तस्वीरें सामने आईं, जहां भगवा ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने शहर के अलग-अलग स्टोर्स पर पहुंचकर जमकर […]