जयपुर . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल प्रदूषण का कारण बनने वाली हर विकृति को दूर करने का आह्वान करते हुए गुरुवार को कहा कि हमें देशवासियों में जल संरक्षण के मूल्यों के प्रति फिर से पुरानी आस्था पैदा करनी होगी.
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में जल संरक्षण जैसे कामों को लेकर लोगों की मानसिकता बदली है. वह राजस्थान में ब्रहमाकुमारीज संस्थान के जल जन अभियान की शुरुआत कार्यक्रम को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के ऋषियों ने हजारों वर्ष पहले ही प्रकृति, पर्यावरण एवं पानी को लेकर संयमित, संतुलित एवं संवेदनशील व्यवस्था का सृजन किया था. हमारे यहां कहा गया है कि हम जल को नष्ट न करें, उसका संरक्षण करें. यह भावना हजारों वर्षों से हमारे आध्यात्म एवं धर्म का हिस्सा है. यह हमारे समाज की संस्कृति है हमारे सामाजिक चिंतन का केंद्र है. इसलिए हम जल को देव की संज्ञा देते हैं, नदियों को मां मानते हैं. मोदी ने कहा कि हमें जल संरक्षण के मूल्यों के प्रति फिर से वैसी ही आस्था पैदा करनी होगी.
आजादी के अमृत काल में आज देश जल को कल के रूप में देखेगा तभी आने वाला कल भी रहेगा और इसके लिए हमें मिलकर आज से ही प्रयास करने होंगे.
-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
‘मेघालय और नगालैंड के विकास पर जोर’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि मेघालय और नगालैंड के तेज विकास के लिए भाजपा प्रतिबद्ध है. भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने बुधवार को मेघालय और मंगलवार को नगालैंड विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र जारी किया था. नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट में कहा कि भाजपा मेघालय का सर्वांगीण विकास करेगी और युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने वाले शासन पर ध्यान केंद्रित करेगी.
गिरता भूजल स्तर चुनौती
मोदी ने कहा कि जल प्रदूषण की तरह ही गिरता भूजल स्तर पर भी बड़ी चुनौती है. इसके लिए देश ने कैच द रेन आंदोलन शुरू किया है. हजारों ग्राम पंचायतों में अटल भूजल योजना के जरिए भी जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है.
