महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में निकहत जरीन और लवलीना बोरगोहेन ने गोल्ड जीत रचा इतिहास

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नई दिल्ली: टॉप भारतीय मुक्केबाज निकहत जरीन ने दूसरा विश्व चैम्पियनशिप खिताब जीता जबकि लवलीना बोरगोहेन ने कांस्य का सिलसिला तोड़ते हुए पहली बार पीला तमगा अपने नाम किया। निकहत ने 50 किग्रा वर्ग के फाइनल में वियतनाम की एनगुएन थि ताम पर 5-0 से जीत दर्ज कर लाइट फ्लाईवेट खिताब अपने नाम किया। वहीं दो बार की कांस्य पदक विजेता लवलीना ने ऑस्ट्रेलिया की कैटलिन पारकर को 5-2 से मात दी।

बीएफआई ने स्वर्ण पदक विजेता निखत और लवलीना को सराहा, भारत ने चार स्वर्ण पदकों के साथ 17 वर्षों में अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ अपना अभियान समाप्त किया. मेजबान मुक्केबाजों ने महिंद्रा आईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप 2023 में ऐतिहासिक चार पदक जीते और टूर्नामेंट के इतिहास में ये केवल दूसरी बार है जब भारत को चार स्वर्ण पदक मिले हैं.

भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने स्वर्ण पदक विजेताओं की जमकर सराहना की और कहा, “हमें उन सभी मुक्केबाजों पर बेहद गर्व है, जिन्होंने अपने स्वर्ण पदकों के साथ इतिहास रचा है. इतने उत्साही दर्शकों के सामने घर में चार स्वर्ण पदक हासिल करना एक शानदार उपलब्धि है. इन मुक्केबाजों का प्रदर्शन निस्संदेह देश की युवा लड़कियों को आगे और पदक जीतने और भारतीय मुक्केबाजी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रेरित करेगा. बीएफआई में हर कोई निखत, नीतू, लवलीना और स्वीटी को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए बधाई देना चाहता है और हम आगामी एशियाई खेलों में उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं.”

अपने नाम के अनुरूप औऱ लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए मौजूदा विश्व चैंपियन निखत (50 किग्रा) ने दो बार की एशियाई चैंपियन वियतनाम की गुयेन थी टैम के खिलाफ अपने आक्रामक प्रदर्शन के साथ मुकाबले को आगे बढ़ाया और सटीक मुक्के मारकर और अपने तेज फुटवर्क का इस्तेमाल करके बाउट में अपना दबदबा कायम रखा. निखत ने अपना संयम बनाए रखा और एक सनसनीखेज आक्रामक प्रदर्शन के साथ यह साबित कर दिया कि क्यों वह इस खेल में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक है. और इस तरह निखत सभी जजों को प्रभावित करते हुए एकतरफा अंदाज में जीत हासिल करने में सफल रहीं.

इस जीत के साथ, निखत भारत की महान मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम की बराबरी पर आ गई हैं. मैरी कॉम ने भी विश्व चैंपियनशिप में लगातार दो स्वर्ण जीता है. मैरी ने हालांकि इस वैश्विक प्रतियोगिता में रिकॉर्ड छह स्वर्ण पदक जीते हैं. निखत (Nikhat Zareen Statement after winning Gold) ने दूसरा स्वर्ण पदक जीतने के बाद कहा, “मैं दूसरी बार विश्व चैंपियन बनकर बेहद खुश हूं, खासकर एक अलग वेट कटेगरी में। पूरे टूर्नामेंट में आज का मुकाबला मेरा सबसे कठिन मुकाबला था और चूंकि यह टूर्नामेंट का आखिरी मैच था इसलिए मैं अपनी ऊर्जा का पूरी तरह से उपयोग करना चाहती थी और सब कुछ रिंग में छोड़ देना चाहती थी। यह बाउट का एक रोलर कोस्टर था, जिसमें हम दोनों को चेतावनी के साथ-साथ आठ काउंट भी मिले और यह बहुत करीबी मुकाबला था. अंतिम राउंड में मेरी रणनीति थी कि मैं पूरी ताकत से आक्रमण करूं और जब विजेता के रूप में मेरा हाथ उठा तो मुझे बहुत खुशी हुई. यह पदक मेरे देश और उन सभी के लिए है जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में हमारा समर्थन और हमारी हौसला अफजाई की है.”

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