Dev Uthani Ekadashi 2023: आज देवउठनी एकादशी है, जानिए पूजा पूरी विधि

rashtrapathnews.com
0 0
Share on Social Media
Read Time:2 Minute, 26 Second

Dev Uthani Ekadashi 2023: देवउठनी एकादशी के बाद ही शादी—विवाह जैसे मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है. पंचांग के अनुसार आज यानि 23 नवंबर को देवउठनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है और इस दिन शाम के समय घरों में देवों को जगाया जाता है. सोए देवों को जगाने की विधि बेहद ही खास और अलग होती है. देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के साथ ही दान अवश्य करना चाहिए. दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है और जातक पूरे दिन व्रत कर अगले दिन व्रत का पारण करते हैं. इस व्रत में रातभर जागरण कर भगवान का नाम जपते हैं और इसमें अन्न ग्रहण करना वर्जित होता है. हिंदू धर्म में देवउठनी एकादशी का विशेष महत्व है और इस दिन दान करना बेहद महत्वपूर्ण माना गया है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवउठनी एकादशी के दिन व्रत करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और इस दिन दान अवश्य करना चाहिए. यदि आप व्रत नहीं कर पा रहे तो भी जितना संभव हो उतना दान जरूर करें. व्रत का पारण करने के बाद ब्राह्मण को भोजन कराना लाभदायक होता है. इसके साथ ही उन्हें कुछ दक्षिणा भी दी जाती है.

इसके अलावा अन्न का दान सबसे महत्वपूर्ण माना गया है. कहते हैं कि देवउठनी एकादशी के दिन धान, गेहूं, मक्का, बाजरा, उड़द, गुड़ का ​दान करना शुभ होता है. इसके अलावा वस्त्र का भी दान किया जाता है.

इस एकादशी के दिन सिंघाड़ा, शकरकंदी, गन्ना और सभी मौसमी फलों का दान करना महत्वूपर्ण व लाभकारी माना गया है. इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
Next Post

CTET January 2024 परीक्षा की आवेदन तारीख आगे बढ़ी

Share on Social MediaCTET Exam 2024 Registration Last Date: सीटीईटी 2024 परीक्षा के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 23 नवंबर 2023 थी. लेकिन सीबीएसई की ऑफिशियल सूचना के अनुसार, सीटीईटी 2024 परीक्षा के लिए आवेदन की तारीख बढ़ा दी गई है. जिन उम्मीदवारों ने अभी तक सीटीईटी 2024 परीक्षा के […]