ट्राइबल गेम्स के पोस्टर बॉय के रूप में उभरे मणिकांता, जीते आठ स्वर्ण पदक

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रायपुर। ट्राइबल गेम्स में कर्नाटक के तैराक मणिकांता एल सबसे सफल एथलीट बनकर उभरे हैं। 21 वर्षीय मणिकांता ने विलक्षण प्रतिभा का परिचय देते हुए व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में कुल आठ स्वर्ण और एक रजत पदक अपने नाम कर प्रतियोगिता में कर्नाटक का दबदबा स्थापित कर दिया।

चुनौतियों के बीच अनुशासित प्रदर्शन ब्रेस्टस्ट्रोक के विशेषज्ञ माने जाने वाले मणिकांता ने इस बार बहुमुखी कौशल दिखाते हुए चारों स्ट्रोक-ब्रेस्टस्ट्रोक, फ्रीस्टाइल, बटरफ्लाई और बैकस्ट्रोक में हिस्सा लिया।
रिकवरी के लिए बहुत कम समय मिल पा रहा था

उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती कड़ा शेड्यूल था, जहां रेस और पदक समारोहों के बीच रिकवरी के लिए बहुत कम समय मिल पा रहा था। हालांकि थकान के कारण 50 मीटर फ्रीस्टाइल में वे मामूली अंतर से स्वर्ण से चूक गए, लेकिन उनकी उपलब्धि ने उन्हें इस खेल का पोस्टर बॉय बना दिया है।

अब अंतरराष्ट्रीय फलक पर तिरंगा लहराने को तैयार

एशियाई खेलों पर है अगला लक्ष्य, अब तक 20 पदक जीत चुके दावणगेरे के निवासी और बेंगलुरु के बसवनगुड़ी एक्वाटिक सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे मणिकांता अब अंतरराष्ट्रीय फलक पर तिरंगा लहराने को तैयार हैं।

अब तक 20 से अधिक पदक जीत चुके

खेलो इंडिया के विभिन्न संस्करणों में अब तक 20 से अधिक पदक जीत चुके इस तैराक का अगला पड़ाव एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करना है। उनका कहना है कि अब वे पूरी तरह अपने मुख्य इवेंट (200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक) पर ध्यान केंद्रित करेंगे, ताकि निर्धारित क्वालीफिकेशन समय को पार कर भारतीय टीम में जगह बना सकें।

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