दुनिया का पहला नाक से देने वाला कोरोनारोधी टीका लॉन्च

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत बायोटेक की नेजल वैक्सीन इनकोवैक को लॉन्च कर दिया.

नाक के जरिये दिए जा सकने वाले दुनिया के पहले भारत निर्मित टीके को यहां मंडाविया के आवास पर लांच किया गया. नेजल टीके ‘बीबीवी154’ को हीट्रोलोगस बूस्टर खुराक के रूप में वयस्कों में सीमित उपयोग के लिए नवंबर में भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) की मंजूरी मिली थी. भारत बायोटेक के पहले जारी एक बयान के अनुसार इनकोवैक की कीमत निजी क्षेत्र के लिए 800 रुपये और भारत सरकार तथा राज्य सरकारों को आपूर्ति के लिए 325 रुपये है. हैदराबाद से संचालित कंपनी ने एक बयान में कहा था कि तीन चरणों में क्लीनिकल परीक्षणों में इस टीके के सफल परिणाम आए.

कोरोना वायरस समेत कई सूक्ष्म वायरस म्युकोसा के जरिये शरीर में प्रवेश करते हैं. नेजल वैक्सीन सीधे म्युकोसा में ही रोग प्रतिरोधक क्षमता पैदा करती है. मतलब जहां से वायरस शरीर में घुसपैठ करता है वैक्सीन वहीं से काम शुरू कर देती है. नेजल वैक्सीन आपके शरीर में इम्युनोग्लोबुलिन उत्पन्न करती है. माना जाता है कि यह संक्रमण को शुरुआती चरण में रोकने में कारगर होता है. यह प्रसार को भी रोकता है.

कैसे इस्तेमाल होती है

यह वैक्सीन नाक के जरिये स्प्रै करके दी जाती है. हाल ही में एम्स के पूर्व डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने भी बताया था कि नेजल वैक्सीन बेहतर है, क्योंकि यह म्यूकोसा में ही इम्युनिटी बना देता है.

इस समय देश में लग रही वैक्सीन के दो डोज दिए जा रहे हैं. दूसरी खुराक के 14 दिन बाद टीका लेने वाला व्यक्ति को सुरक्षित माना जाता है, लेकिन नेजल वैक्सीन 14 दिन में ही असर दिखाने लगती है.

केवल वयस्कों के लिए

● वैक्सीन स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए 2 से 8 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रह सकती है.

● इसे वाशिंगटन यूनिवर्सिटी, सेंट लुइस के साथ साझेदारी में तैयार किया गया है.

● नेजल वैक्सीन को 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए मंजूरी दी गई है.

प्राइमरी और बूस्टर खुराक के तौर पर दी जा सकेगी

नेजल वैक्सीन को बूस्टर डोज के तौर पर दिया जाएगा. हालांकि इसे प्राइमरी वैक्सीन के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. मतलब जिन्होंने टीके नहीं लगवाए हैं वे इस नेजल वैक्सीन को ले सकते हैं. वहीं, दोनों डोज लेने वाले लोग भी बूस्टर डोज के तौर पर इस टीके को ले सकते हैं.

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