नई दिल्ली. कालिंदी कुंज थाने में रोहिंग्या महिला द्वारा अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत झूठी निकली. महिला ने पुलिस को 26 फरवरी को शिकायत दी थी. जिसकी जांच के बाद अब पुलिस महिला पर ही कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है. पुलिस उपायुक्त राजेश देव ने बताया कि 26 फरवरी को महिला ने शिकायत में कहा था कि कुछ लोगों ने उसका अपहरण किया और फिर दो दिन तक उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. इसके बाद पुलिस ने सभी जगह से सीसीटीवी फुटेज जुटाई और जांच शुरू की. अपहरण और दुष्कर्म के सबूत नहीं मिलने पर पुलिस को संदेह हुआ. जिसके बाद पुलिस ने महिला ने सख्ती से दोबारा पूछताछ की.
महिला ने स्वीकार किया कि 22 फरवरी को उसका पति से झगड़ा हो गया था. वह रात 11 बजे रोहिंग्या कैंप, कंचन कुंज से निकलकर अपने पूर्व पड़ोसी अकबर अली के यहां चली गई थी. वहां से 24 फरवरी को ऑटो लेकर कालिंदी कुंज मेट्रो स्टेशन पहुंची और वहां से जनकपुरी मेट्रो स्टेशन और आगे विकास पुरी पहुंची. पति की पिटाई से बचने के लिए सामूहिक दुष्कर्म की झूठी कहानी सुना दी.
