’जनजातीय गरिमा उत्सव से जरूरतमंद परिवारों को मिली राहत’

rashtra path
0 0
Share on Social Media
Read Time:2 Minute, 37 Second

रायपुर। राज्य शासन द्वारा संचालित जनजातीय गरिमा उत्सव अब दूरस्थ और जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत और भरोसे का माध्यम बनता जा रहा है। शिविरों के माध्यम से ग्रामीण और विशेष रूप से जनजातीय परिवारों की वर्षों पुरानी समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है। राशनकार्ड वितरण से खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ अब उन परिवारों तक भी पहुंच रहा है, जो अब तक इससे वंचित थे। बलरामपुर जिले के विकासखंड वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम दोलंगी निवासी श्रीमती पूनम का परिवार भी लंबे समय से राशनकार्ड नहीं होने के कारण शासन की खाद्यान्न योजना का लाभ नहीं ले पा रहा था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए हर महीने राशन की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन गई थी। कई बार परिवार को सीमित संसाधनों में गुजारा करना पड़ता था। जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर में श्रीमती पूनम की समस्या का त्वरित निराकरण करते हुए मौके पर ही उनका राशनकार्ड बनाकर सौंपा गया। राशनकार्ड मिलते ही श्रीमती पूनम और उनके परिवार के चेहरे पर राहत और संतोष साफ दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि अब उन्हें हर महीने भोजन की चिंता नहीं सताएगी और परिवार को नियमित खाद्यान्न सुरक्षा का लाभ मिल सकेगा। श्रीमती पूनम ने राज्य शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह शिविर उनके परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। शिविर में पूनम जैसी कई अन्य महिलाओं को भी राशनकार्ड वितरित किए गए, जिससे जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने में मदद मिली। जनजातीय गरिमा उत्सव के माध्यम से शासन की मंशा है कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाते हुए जरूरतमंद परिवारों को सम्मान और सुरक्षा प्रदान की जाए।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

लखपति दीदी’ बनीं उमा: समूह की मदद से बदली जिंदगी, अब दूसरों के लिए बनीं प्रेरणा

Share on Social Mediaरायपुर. छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव का मजबूत माध्यम बनता जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। बलरामपुर जिले के ग्राम महाराजगंज की निवासी श्रीमती उमा सिंह इसका सशक्त […]

You May Like