डोर-टू-डोर कचरा उठाने की सेवा बंद, रायपुर में गंदगी बढ़ी

rashtra path
0 0
Share on Social Media
Read Time:3 Minute, 28 Second

रायपुर। रायपुर में कचरा कलेक्शन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। आज सुबह भी कई इलाकों में लोग घरों के बाहर कचरे से भरे डस्टबिन लेकर इंतजार करते रहे, लेकिन डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली गाड़ियां नहीं पहुंचीं।

इसकी वजह नगर निगम और कचरा कलेक्शन एजेंसी के बीच भुगतान विवाद बताया जा रहा है। शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रही मेसर्स DSW रामकी कंपनी ने काम रोक दिया है। कंपनी का आरोप है कि नगर निगम ने मार्च 2025 से अब तक करीब 78 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया है।

वहीं अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से केवल आंशिक भुगतान किया जा रहा है, जबकि संचालन लागत लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच कंपनी के ड्राइवर भी वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं।

269 गाड़ियां, 800 कर्मचारी… फिर भी ठप पड़ा सिस्टम

रायपुर और नवा रायपुर से हर दिन करीब 750 टन कचरा निकलता है। इसे संकरी स्थित प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाने के लिए सैकड़ों गाड़ियां और बड़ी संख्या में कर्मचारी लगे हुए हैं।

कंपनी के मुताबिक फिलहाल 269 वाहन और करीब 800 कर्मचारी इस काम में जुड़े हैं, जिन पर हर महीने करोड़ों रुपए खर्च होते हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि कलेक्टर दर पर भुगतान होने के बावजूद पुराने ड्राइवरों के वेतन में बढ़ोतरी नहीं हुई है। कई बार मांग रखने के बाद भी समाधान नहीं निकलने से काम रोकना पड़ा।

निगम के सामने बढ़ सकती है नई परेशानी

बताया जा रहा है कि यदि सफाई व्यवस्था लंबे समय तक प्रभावित रही तो नगर निगम के सामने कचरा निपटान का संकट खड़ा हो सकता है।

शहर का पुराना डंपिंग एरिया लगभग भर चुका है और नई जगह पर कचरा फेंकने पर पर्यावरणीय आपत्तियों का खतरा बना हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में सड़कों और मोहल्लों में कचरे का दबाव बढ़ सकता है।

2018 से चल रहा PPP मॉडल का अनुबंध

रामकी कंपनी पिछले कई सालों से PPP मॉडल पर शहर की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था संभाल रही है। नगर निगम के साथ उसका 15 साल का अनुबंध है।

समझौते के मुताबिक तय अवधि पूरी होने के बाद प्लांट और संसाधन निगम को सौंपे जाएंगे। फिलहाल भुगतान और संचालन को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है।

महापौर बोलीं- जल्द खत्म होगी समस्या

महापौर मीनल चौबे ने कहा है कि रामकी कंपनी के अधिकारियों से बातचीत जारी है, जल्द ही समस्या सुलझा ली जाएगी और डोर टू डोर कचरा कलेक्शन शुरु हो जाएगा।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

ठगी का शिकार: जमीन के नाम पर 28 लाख का नुकसान

Share on Social Mediaरायपुर। राजधानी रायपुर में जमीन बेचने के नाम पर 28 लाख रुपए की ठगी की गई है। पीड़ित की शिकायत पर आजाद चौक थाना पुलिस ने मेसर्स राजश्री प्रॉपर्टीज के पार्टनर अनिल अग्रवाल, सपना सिंघानिया और रमेश सिंघानिया के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत मामला […]

You May Like