‘गुडेलिया’ में बदलाव: महिलाएं सक्रिय, सौ CCTV और ₹51,000 का जुर्माना नशा करने वालों के लिए

rashtra path
0 0
Share on Social Media
Read Time:4 Minute, 39 Second

भाटापारा: छत्तीसगढ़ का ग्राम पंचायत गुडेलिया आज आत्मनिर्भर भारत और स्मार्ट विलेज की अवधारणा का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। आधुनिक सुविधाओं, सशक्त सामाजिक व्यवस्था और सामूहिक भागीदारी के दम पर इस गांव ने अपनी अलग पहचान बनाई है। सरपंच संकेत अग्रवाल के अनुसार, गांव के विकास में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सबसे बड़ी ताकत रही है, जहां हर निर्णय सामूहिक रूप से लेकर उसे जमीन पर लागू किया जाता है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस शासकीय विद्यालय

गुडेलिया का शासकीय विद्यालय निजी स्कूलों को टक्कर देने वाला बन चुका है। यहां स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, साइंस लैब, उच्च गुणवत्ता वाले फर्नीचर और खेल सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्कूल भवन आकर्षक वाल पेंटिंग से सुसज्जित है और नियमित रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। हर माह पालक-शिक्षक बैठक और ‘नेवता भोज’ जैसे अभिनव प्रयास भी किए जाते हैं।

आंगनबाड़ी केंद्र में भी बच्चों के लिए यूनिफॉर्म, खेल सामग्री और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है, जिससे बच्चों में प्रारंभिक स्तर से ही शिक्षा के प्रति रुचि विकसित हो रही है।
हाईटेक पंचायत भवन और निगरानी व्यवस्था

गुडेलिया का पंचायत भवन पूरी तरह डिजिटल है। यहां कंप्यूटर कक्ष, स्वच्छ शौचालय और पंचायत प्रतिनिधियों के लिए व्यवस्थित बैठक व्यवस्था उपलब्ध है। गांव में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जाती है, जिससे सुरक्षा और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित हो रही हैं।
महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता

गांव की महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। पावर ब्लॉक, फ्लाई ऐश ईंट और जाली तार जैसे लघु उद्योगों के माध्यम से 250 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला है। इन गतिविधियों के जरिए अब तक 50 लाख रुपये से अधिक का कारोबार किया जा चुका है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रहा है।
नशामुक्त और प्लास्टिक मुक्त पहल

गुडेलिया पंचायत ने नशामुक्त और प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। गांव में नशा करने पर 51,000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है। वहीं प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है। पंचायत द्वारा बर्तन उपलब्ध कराने की व्यवस्था से ग्रामीणों को आर्थिक बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिल रही है।
शहर जैसी आधुनिक सुविधाएं

गांव में हाईटेक लाइब्रेरी, गार्डन, हमर क्लिनिक, जिम, मरीन ड्राइव और खेल मैदान जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। ये सभी व्यवस्थाएं गुडेलिया को एक मिनी स्मार्ट सिटी जैसा स्वरूप प्रदान करती हैं।
कृषि और जल संरक्षण में नवाचार

गुडेलिया में आधुनिक कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। जल संरक्षण के लिए खदानों में वर्षा जल संचयन कर सिंचाई में उपयोग किया जा रहा है। इस नवाचार के लिए 15 अगस्त 2025 को जल शक्ति मंत्रालय द्वारा गांव को सम्मानित किया गया। साथ ही मृदा परीक्षण और फसल सुरक्षा जैसी सुविधाएं किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर रही हैं।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

जशपुर का केरे गांव बन रहा ग्रामीण पर्यटन का नया केंद्र, होमस्टे मॉडल से बढ़ी पहचान

Share on Social Mediaरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में जशपुर जिले का केरे गांव तेजी से एक उभरते पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना रहा है। यह पहल स्थानीय लोगों की आजीविका को सशक्त बनाने […]

You May Like