रायपुर। राजधानी में आय से अधिक संपत्ति मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। एसीबी/ईओडब्ल्यू की जांच के बाद विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, रायपुर ने विश्नोई और उनकी पत्नी प्रीति विश्नोई के नाम पर अर्जित करीब 15 से 20 करोड़ रुपए की बेनामी अचल संपत्तियों को अटैच करने का आदेश जारी किया है।
जांच में सामने आया है कि समीर विश्नोई ने अपनी पत्नी प्रीति विश्नोई के नाम पर 3 से 4 फर्म बनाकर अवैध कमाई को निवेश किया और उससे कई संपत्तियां खरीदीं। इनमें महासमुंद जिले में करीब 22 एकड़ जमीन, नया रायपुर में स्थित प्लॉट, गायत्री नगर स्थित मकान समेत अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर भी निवेश कर संपत्तियां अर्जित की गई थीं, जिन्हें अब जब्त कर लिया गया है।
राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने अपराध क्रमांक 23/2024 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया था। समीर विश्नोई को कोयला लेवी घोटाले का प्रमुख आरोपी माना गया है।
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा भी कोयला लेवी स्कैम में विश्नोई की 5 अचल संपत्तियों को प्रोविजनल अटैच किया जा चुका है। वहीं एसीबी/ईओडब्ल्यू की जांच में करीब 4 करोड़ रुपए मूल्य की 9 अतिरिक्त संपत्तियों का खुलासा हुआ, जिनके अटैचमेंट के लिए विशेष अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया गया था।
17 अप्रैल 2026 को विशेष न्यायालय में सुनवाई के बाद सभी चिन्हित संपत्तियों को अटैच करने का आदेश जारी किया गया। आदेश के बाद अब इन संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह रोक लग गई है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी इसी मामले में आरोपी रहीं सौम्या चौरसिया की अवैध संपत्तियों की कुर्की न्यायालय के आदेश से की जा चुकी है।

