बंदूक के साए से बाहर निकला दंतेवाड़ा जिले का पोटाली

rashtra path
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रायपुर। कभी माआवोदी हिंसा और भय की पहचान रहा दंतेवाड़ा जिले का पोटाली आज विकास, भरोसे और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की मिसाल बन चुका है। यहां कभी बंदूक की आवाज गूंजती थी, लेकिन अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की गारंटी बनकर खड़ा है।

पोटाली का यह परिवर्तन माओवादी हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में विकास की जीत की कहानी है। करीब डेढ़ दशक तक माओवादी हिंसा और असुरक्षा के कारण बंद पड़ा उप-स्वास्थ्य केंद्र (एसएचसी) स्थानीय लोगों के लिए एक अधूरा सपना था।

साधारण दवा के लिए कई किलोमीटर पैदल चलकर जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा जाना मजबूरी थी, जो अब समाप्त हो चुकी है। एसएचसी पोटाली के भवन का निर्माण कार्य वर्ष 2004 में शुरू हुआ था। माओवादियों के तीव्र विरोध और भय के चलते भवन का निर्माण पूरा नहीं हो पाया।

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