राज्य सरकार की पारदर्शी व्यवस्था का असर, धान बेचते ही मिला भुगतान

rashtra path
Share on Social Media

रायपुर । खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ सरकार की पारदर्शी और डिजिटल धान खरीदी व्यवस्था किसानों के लिए राहत और भरोसे का आधार बनकर सामने आई है। मनेन्द्रगढ़ भरतपुर चिरमिरी जिले के ग्राम सलका निवासी किसान रामशरण ने कोड़ा उपार्जन केंद्र में 46.40 क्विंटल धान का विक्रय कर सरकार की  व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया।
राज्य सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान का मूल्य और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक खरीदी की नीति से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित हुआ है। ऑनलाइन टोकन प्रणाली के तहत निर्धारित तिथि पर उपार्जन केंद्र पहुंचे किसान को सुव्यवस्थित व्यवस्था, डिजिटल तौल और त्वरित प्रक्रिया का लाभ मिला।

उपार्जन केंद्र में किसानों के लिए बैठने एवं पेयजल की समुचित सुविधा उपलब्ध रही। डिजिटल तौल कांटे से सटीक माप-तौल और सत्यापन के बाद धान विक्रय की राशि सीधे बैंक खाते में जमा की गई, जिससे भुगतान को लेकर किसी प्रकार की अनिश्चितता नहीं रही। किसान रामशरण ने बताया कि पूर्व में धान बेचने के दौरान तौल और भुगतान में देरी जैसी समस्याएं होती थीं, लेकिन इस बार की पारदर्शी व्यवस्था ने उनका भरोसा पूरी तरह बढ़ाया है।
समय पर भुगतान मिलने से वे अब रबी फसल की तैयारी, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतों की योजना निश्चिंत होकर बना पा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई किसान-हितैषी धान खरीदी व्यवस्था से प्रदेश के हजारों किसान लाभान्वित हो रहे हैं। रामशरण की यह कहानी बदली व्यवस्था की जमीनी सफलता का स्पष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ पक्का घर का सपना

Share on Social Mediaएक घर, नया भरोसा: पीएम आवास से लक्ष्मीन बाई के जीवन में आई स्थिरता जहाँ टपकती थी बारिश की बूंदे, अब बसता है सुकून रायपुर । हर व्यक्ति के मन में यह सपना होता है कि उसका अपना एक सुरक्षित आशियाना हो, जहाँ वह और उसका परिवार […]

You May Like