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गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में 22 आत्मसमर्पित माओवादियों ने राष्ट्रव्यापी महापरीक्षा अभियान उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत आयोजित परीक्षा में भाग लिया। हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे पूर्व माओवादियों में परीक्षा को लेकर उत्साह दिखाया। यह परीक्षा सात दिसंबर को आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य आत्मसमर्पित व्यक्तियों को साक्षर बनाकर उनके लिए नए अवसरों के द्वार खोलना है। इन व्यक्तियों ने राज्य सरकार की पुनर्वास नीतियों के विभिन्न आकर्षक प्रविधानों से प्रभावित होकर माओवादी संगठन को छोड़ा और एक खुशहाल जीवन जीने का फैसला किया। परीक्षा में उनकी भागीदारी यह सुनिश्चित करती है कि वे बुनियादी शिक्षा प्राप्त कर सकें और समाज में सम्मानजनक स्थान बना सकें।

