CGPSC घोटाले में बड़ा खुलासा

rashtra path
0 0
Share on Social Media
Read Time:5 Minute, 13 Second

रायपुर। सीजीपीएससी भर्ती परीक्षा 2021 के घोटाला में सुनियोजित तरीके से पेपर लीक कराया गया। पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं के बेटे-बेटियों के लिए प्रश्न पत्र लीक कराने में टामन सिंह सोनवानी ने पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के साथ मिलकर षड्यंत्र किया। सीबीआई के आरोप पत्र के अनुसार सीजीपीएससी 2020 के लिए तैयार किए गए प्रश्न पत्र के एक सेट को आरती वासनिक ने पूरे एक साल तक दबाकर रखा। सरकारी रिकॉर्ड में इसकी एंट्री नहीं हुई और बाद में उसी प्रश्न पत्र का इस्तेमाल सीजीपीएससी 2021 की मुख्य परीक्षा में किया गया।

यह पेपर पहले से ही लीक हो चुका था। प्रश्न पत्र लीक होने की जानकारी टामन सिंह सोनवानी के रिश्तेदारों को पहले से थी। इसका पर्दाफाश उनके भतीजे विनीत खेबर और उसकी पत्नी स्वेता के बीच हुई वाट्सएप चैटिंग से हुआ है। इसी चैटिंग के जरिए सीबीआइ ने अपनी जांच आगे बढ़ाई। पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव ने बेटे सुमित ध्रुव को प्रश्नपत्र और माडल उत्तर पहले ही उपलब्ध कराए, जिससे वह डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित हुआ। तलाशी में उनके घर से पेपर और उत्तरों की फोटोकॉपी मिली। सोनवानी ने बहू मीशा कोसले और दीपा आदिल को लाभ पहुंचाया, वहीं नेहा और निखिल खलखो का चयन भी संदिग्ध पाया गया।

सीबीआई को जांच में केवल सीजीपीएससी-2021 ही नहीं, बल्कि पांच साल के भीतर हुई कई भर्ती परीक्षाओं में भी प्रश्नपत्र लीक होने का पता चला है। सीबीआई इसका जल्द ही राजफाश करेगी। वर्ष 2020 की प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र प्राप्त होने पर अध्यक्ष सोनवानी ने अपने रिश्तेदारों, करीबियों तक इसे पहुंचाया। वर्ष 2021 की परीक्षा में सचिव जीवन किशोर ध्रुव के पुत्र सुमित ध्रुव डिप्टी कलेक्टर बने, जबकि सोनवानी ने अपने बेटे नितेश, बहू निशा कोसले, भतीजे साहिल सोनवानी, भाभी दीपा आडिल और अन्य को विभिन्न पदों पर चयनित करवाया। सीबीआई ने 15 जुलाई 2024 को ध्रुव के भिलाई स्थित निवास पर छापेमारी व तलाशी के दौरान वर्ष 2021 की मुख्य परीक्षा के पेपर नंबर सात और पेपर दो के अभ्यास उत्तर बरामद करने का उल्लेख भी आरोप पत्र में किया है। फिलहाल सभी आरोपित रायपुर जेल में बंद हैं।

सीबीआइ ने अभ्यर्थियों के घरों से हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव बरामद की। साथ ही, उनके और स्वजनों के बैंक खातों की जांच की गई। पीएससी अधिकारियों और अभ्यर्थियों के बीच पांच साल की काल डिटेल और लोकेशन रिकार्ड खंगाले गए, ताकि पता चल सके कि परीक्षा के दौरान कितनी बार संपर्क हुआ और मुलाकातें हुईं। जांच टीम ने प्रश्नपत्र छापने वाली प्रिंटिंग प्रेस एकेडी प्रिंटर्स पर भी छापा मारकर मालिक और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। यहां के संचालक अरुण कुमार द्विवेदी आरोपित अधिकारियों के संपर्क में रहे।

पूर्व सहायक परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर और पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक के साथ पिछले वर्षों में चयनित हुए अभ्यर्थियों के स्वजन से हुई बातचीत, वाट्सएप चैटिंग व अन्य पर जांच जारी है। अभी केवल टामन और जीवन किशोर ध्रुव के करीबियों के बारे में सीबीआई ने पता की है। अब जांच की सुईं ललित गणवीर और आरती वासनिक समेत तत्कालीन समय में राज्यपाल के सचिव रहे अधिकारियों की भी चयनित अभ्यर्थियों से करीबी होने पर जांच जारी है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

केएल राहुल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ जड़ा शतक

Share on Social Mediaदिल्ली । टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज केएल राहुल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रहे पहले टेस्ट मैच में शुक्रवार को शानदार शतक जड़ा। यह राहुल का 11वां टेस्ट शतक रहा और करीब आठ साल बाद भारत में खेलते हुए उनका दूसरा शतक है। उनकी यह पारी […]

You May Like