फर्जी दिव्यांग प्रमाण से सरकारी नौकरी मामला: जांच में सहयोग नहीं कर रहे निलंबित अधिकारी-कर्मचारी, 21 अब भी नदारद

rashtra path
0 0
Share on Social Media
Read Time:1 Minute, 43 Second

मुंगेली। जिले में सामने आए फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र घोटाले की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच चुकी है, लेकिन जिन शासकीय कर्मचारियों से जवाब मांगा जा रहा है, वे ही अब जांच प्रक्रिया से बचते दिख रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा जारी जांच के तहत 27 अधिकारियों-कर्मचारियों को रायपुर के मेडिकल बोर्ड में 18 जुलाई 2025 को मेडिकल वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया था, लेकिन कई अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं हुआ। जानकारी के अनुसार, इन 27 में से 20 कर्मचारियों ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जबकि 4 कर्मचारी जांच पूरी कर चुके हैं और 2 का स्थानांतरण अन्य जिलों में हो चुका है। यानी अब भी 21 अधिकारी-कर्मचारी जांच से नदारद हैं। जिला प्रशासन ने इस गंभीर लापरवाही को नजरअंदाज न करते हुए संबंधित विभागों को विभागीय कार्रवाई के निर्देश देने हेतु पत्र प्रेषित किया है। कलेक्टर कुंदन कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई जारी है और दिव्यांग सेवा संघ के साथ समन्वय बैठकों के माध्यम से मामले को निष्पक्ष ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

प्रदेशभर के तहसीलदार-नायब तहसीलदारों का प्रदर्शन

Share on Social Mediaरायपुर. प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के बैनर तले आज से चरणबद्ध आंदोलन के तहत धरना-प्रदर्शन करने जा रहे हैं. “संसाधन नहीं तो काम नहीं” के नारे के साथ किए जा रहे इस आंदोलन का […]

You May Like