कांग्रेस ने रमन सरकार पर लगाया एक लाख करोड़ के घोटाले का आरोप

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सुशील आनंद शुक्ला ने राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि भाजपा की प्रदेश में 15 सालों तक सरकार थी. रमन राज में 1 लाख करोड़ घोटाला हुआ था. इस बारे में हम अनेकों बार बता चुके हैं. हमारे आरोपों की पुष्टि भाजपा नेता रिकेश सेन के खुलासे से हुई है.

15 सालों में छत्तीसगढ़ को भाजपा का चारागाह बना दिया गया था. उन्होंने कहा, रमन सरकार के समय भ्रष्टाचार का पैसा अमित शाह, स्व. जेटली जैसे नेताओं को भी जाता था. भाजपा के छोटे-बड़े नेता नागपुर, लखनऊ और दिल्ली से आकर छत्तीसगढ़ की संपदा में लूट खसोट मचाकर रखे थे. अपनी सरकार को बचाए रखने के लिए तत्कालीन भाजपाई सत्ताधीशों ने भाजपा के बड़े नेताओं के इस लूट में पूरा सहयोग दिया. दोनों हाथों से छत्तीसगढ़ की संपदा को अपने नेताओं पर लुटाया.

प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख शुक्ला ने कहा, डॉ. रमन सिंह और उनके मंत्रियों ने 15 सालों में 1 लाख करोड़ का घोटाला किया था. छत्तीसगढ़ में रमन राज में 36,000 करोड़ के नान घोटाला, अगस्ता और पनामा घोटाला, डीकेएस घोटाला, प्रियदर्शिनी सहकारी बैंक घोटाला, ई-टेंडरिंग घोटाला, घटिया मोबाइल खरीदी घोटाला, मच्छरदानी घोटाला, गुणवत्ताहीन एक्सप्रेस-वे, अनुपयोगी स्काईवॉक घोटाला, 6,000 करोड़ का चिटफंड घोटाला, रमन के 4,700 करोड़ के शराब घोटाला, 1,667 करोड़ के गोशाला घोटाला सहित एक लाख करोड़ से ज्यादा के भ्रष्टाचार के आरोप डॉ. रमन सिंह पर है. रमन सरकार के दौरान इतने घोटाले हुए, अकूत काली कमाई किया कि देश के बैंक छोटे पड़ गए. रमन सिंह के मेडिकल स्टोर के पता पर अभिषाक सिंह को पनामा में खाता खुलवाना पड़ा था. उसने वीडियो में कैश हैंडल के रूप में भाजपा के अनेक नेताओं का नाम भी लिया है.

उन्होंने कहा कि रमन सरकार के दौरान हुए घोटालों का पैसा दिल्ली, लखनऊ, नागपुर और गुजरात जाता था. भाजपा के नेता रिकेश सेन जो वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी है, वे एक वीडियो में खुद बता रहे कि कैसे तत्कालीन मुख्यमंत्री की पत्नी वीणा सिंह पैसे लेती थी? कैसे अमित शाह और तत्कालीन स्व. नेता अरुण जेटली तक लूट का पैसा पहुंचाया जाता था? यह खुलासा खुद भाजपा का नेता कर रहा है, कोई गुमनाम आदमी या राह चलता नहीं कर रहा. अब इस मामले में ईडी, आईटी जांच का साहस क्यों नहीं दिखाती?

एक मुख्यमंत्री पर कथित बयान जो बाद में कोर्ट में बदल भी गया. ईडी प्रेस नोट जारी करके आरोप लगा सकती है तो फिर इस मामले में खुला वह रिकेश सेन बोल रहा, इसकी जांच क्यों नहीं की जा रही?

सुशील शुक्ला ने कहा कि 36,000 करोड़ के नान घोटाला, चिटफंड घोटाला, पनामा पेपर की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने ईडी के डायरेक्टर को पत्र लिख चुके हैं. केंद्र ईडी उसकी जांच क्यों नहीं कर रही है? जांच इसलिए नहीं हो रही कि लूट के सबको हिस्सा मिला है. 5 साल से छत्तीसगढ़ को लूट नहीं पा रहे तो तिलमिला रहे. गलत आरोप लगा रहे हैं. मालिक अडानी के हित पूरे नहीं हो रहे तो मुख्यमंत्री की छवि खराब कर रहे हैं. कांग्रेस मांग करती है कि रिकेश सेन के वीडियो के आधार पर ईडी, अमित शाह, वीणा सिंह, रमन सिंह से पूछताछ करें.

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