पंजाब में चुनाव नजदीक आते ही विधानसभा में 154 कर्मचारियों की भर्ती का मामला गरमाया हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता हरजोत बैंस ने आरोप लगाया है कि विधानसभा में बड़ा घोटाला हुआ है। बिना किसी मैरिट के स्पीकर, डिप्टी स्पीकर और मंत्रियों के रिश्तेदारों और करीबियों को नौकरी दी गई।
यहां तक कि हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के रहने वालों को भी नौकरी दी गई। उन्होंने पूरे मामले की केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यह भर्तियां कांग्रेस सरकार के 2017 से 2022 के कार्यकाल के दौरान हुई हैं। हालांकि इस मामले पर विस स्पीकर राणा केपी या मंत्रियों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
आप ने इन कर्मचारियों के बारे में किए दावे
हरजोत बैंस ने कहा कि विधानसभा में जिन कर्मचारियों को नौकरी दी गई है, उनमें सिद्धार्थ ठाकुर स्पीकर के दोस्त के बेटे हैं। मनजिंदर विधायक सुरजीत धीमान के भतीजे हैं। गौरव ठाकुर स्पीकर के रिश्तेदार के बेटे हैं। प्रवीन कुमार पूर्व कांग्रेस विधायक जोगिंदर सिंह के भतीजे हैं। रोपड़ से गौरव राणा और सौरव राणा यानी एक ही घर से 2 भाइयों को नौकरी दी गई।
मार्केट कमेटी आनंदपुर साहिब के चेयरमैन हरबंस लाल के बेटे राकेश कुमार को भी नौकरी दी गई। जो काम डीसी ऑफिस रोपड़ में करते हैं। बठिंडा के अजय कुमार मनप्रीत बादल के करीबी के बेटे हैं और काम उनके साथ करते हैं। अवतार सिंह कांग्रेस के पूर्व सांसद पवन बंसल के ड्राइवर के बेटे हैं। कुलदीप मान वित्तमंत्री मनप्रीत बादल के स्टाफ मेंबर के बेटे हैं। प्रमोद कुमार पीआरटीसी डायरेक्टर के बेटे हैं। अंजू बाला स्पीकर के सेक्रेटरी की साली है।
मलोट के हरसिमरनजीत को मनप्रीत बादल की सिफारिश पर रखा गया। सुमनप्रीत कौर डिप्टी स्पीकर अजैब सिंह भट्टी की भांजी हैं। लुधियाना के सराभा नगर की गुरप्रीत कौर सांसद मनीष तिवारी के ड्राइवर की बेटी हैं। हरीश कुमार रोपड़ प्लानिंग बोर्ड के चेयरमैन हैं। चंडीगढ़ के हरनाम सिंह मनप्रीत बादल के ओएसडी के बेटे हैं।
