हरे रंग का धूमकेतु सूर्य के करीब से गुजर चुका है. वापसी में यह पृथ्वी के करीब पहुंचने वाला है. अनुमान है कि यह 50 हजार साल बाद भीतरी सौरमंडल में आया है. इसका नाम ‘सी/2022 ई3जेडटीएफ’ है. यह एक फरवरी की रात 11:26 बजे पृथ्वी से 4 करोड़ किमी की दूरी से होता हुआ अंतरिक्ष में खो जाएगा. इसे एक व दो फरवरी की सुबह या रात उत्तर दिशा में धुव्र तारे के पास इसे बगैर दूरबीन देखा जा सकेगा.
30 जनवरी से 2 फरवरी के बीच दिखेगा धूमकेतु
धूमकेतु जमी हुई गैसों, चट्टानों और धूल के ब्रह्मांडीय स्नोबॉल हैं, जो सूर्य के चारों ओर घूमते रहते हैं. जब कोई धूमकेतु सूर्य के पास पहुंचता है तो वह गर्म हो जाता है, सतह की बर्फ के गैल में बदल देता है. जो अधिकांश ग्रहों की तुलना में अधिक चमकदार सिर के साथ पूछ जैसा दिखाई देता है. बता दें कि यह खास धूमकेतु 30 जनवरी से 2 फरवरी तक ओडिशा सहित देश के कई हिस्सों में नजर आने वाला है. खगोलविदों को इस घटना का बेसब्री से इंतजार है.
साल 2022 में पहली बार देखा गया था
2 मार्च 2022 को इसे पहली बार देखा गया था. तब सभी को लगा था कि यह एक उल्कापिंड है. लेकिन जैसे-जैसे यह सूर्य के करीब आता रहा, इसकी चमक बढ़ती गई और बाद में पता चला की यह एक धूमकेतु है.
