प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) शनिवार सुबह अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) पहुंचे. यहां ईटानगर में उन्होंने डोनी पोलो हवाई अड्डे का उद्घाटन किया. यह राज्य का पहला ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा है. इसके अलावा पीएम ने 600 मेगावाट का मेंग जलविद्युत स्टेशन भी राष्ट्र को समर्पित किया. कामेंग पनबिजली परियोजना को पश्चिम कामेंग जिले में 80 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में 8,450 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है.
इस दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हमारा सपना था कि हमारे प्रदेश की राजधानी में एयरपोर्ट (Airport) बने. आज पीएम मोदी के प्रयास से वह सपना साकार हो गया है. उन्होंने इस हवाई अड्डे के निर्माण के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए थे.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस हवाईअड्डे का उद्घाटन उन लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है, जिन्होंने दावा किया था कि अरुणाचल प्रदेश में आगामी चुनावों के कारण शिलान्यास किया गया है. उन्होंने कहा कि हम देश के विकास के लिए काम करते हैं. मैं यहां अरुणाचल प्रदेश में हूं, जहां सूरज उगता है, और दमन में उतरूंगा, जहां सूरज डूबता है. हम चुनाव के लाभ के लिए काम नहीं करते हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि दशकों से यह क्षेत्र पूर्व के राजनीतिक दलों की बेरुखी का शिकार रहा है. अटल जी ने सरकार बनाई और यह पहली सरकार थी जिसने क्षेत्र के विकास के लिए एक अलग मंत्रालय बनाया. पीएम ने कहा कि दूर- सुदूर सीमा पर बसे गावों को पहले आखिरी गांव माना जाता था. लेकिन हमारी सरकार ने इन्हें आखिरी गांव, आखिरी छोर नहीं बल्कि देश का प्रथम गांव मानकर काम किया.

बताया जा रहा है कि ‘डोनी पोलो’ हवाई अड्डे को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा 645 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया गया है. इसमें आठ ‘चेक-इन काउंटर’ होंगे और व्यस्त समय के दौरान 200 यात्रियों को जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती है. इस एयरपोर्ट से अन्य राज्यों में पढ़ने वाले छात्रों और यात्रियों को काफी फायदा होगा.

अरुणाचल को मिला पहला एयरपोर्ट
देश के पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में कोई हवाई अड्डा नहीं है. निकटतम सुविधा असम के उत्तरी लखीमपुर जिले में 80 किलोमीटर दूर लीलाबाड़ी हवाई अड्डे पर है. अधिकारियों ने बताया कि 4,100 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले डोनी पोलो हवाई अड्डा यात्रियों के लिए सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा. उन्होंने बताया कि इसमें 2,300 मीटर लंबा रनवे होगा जो बोइंग 747 की ‘लैंडिंग’ और ‘टेक-ऑफ’ के लिए उपयुक्त होगा. इंडिगो एयरलाइंस 28 नवंबर से हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत करेगी. इस हवाई अड्डे का नाम राज्य की परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक सूर्य (डोनी) और चंद्रमा (पोलो) के प्रति लोगों की श्रद्धा को दर्शाता है. हवाईअड्डा निवेशकों और चिकित्सा आपात स्थितियों में सुलभ यात्रा की सुविधा प्रदान करेगा.
