सभी स्कूल-कॉलेज डिजिटल लाइब्रेरी से जुड़ेंगे

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को बजट में नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी की घोषणा की. सभी स्कूल और कॉलेजों को डिजिटल लाइब्रेरी से जोड़ा जाएगा. इससे डिजिटल रूप से हर विषय की किताबों तक विद्यार्थियों की पहुंच होगी. किताबों और पुस्तकालयों की कमी या किसी भी कारण स्कूल बंद होनेे पर छात्र बिना रुकावट पढ़ाई कर सकेंगे.

डिजिटल लाइब्रेरी में स्थानीय और अंग्रेजी भाषा में किताबें उपलब्ध होंगी. उम्र, कक्षा या पाठ्यक्रम के हिसाब से किताबें उपलब्ध होंगी. इसका सबसे अधिक फायदा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिलेगा.

क्या है डिजिटल लाइब्रेरी डिजिटल लाइब्रेरी एक ऑनलाइन या ई-पुस्तकालय है. इसमें किताबों के डिजिटल वर्जन मौजूद होंगे. इसे कहीं से भी एक्सेस किया जा सकेगा. इंटरनेट आधारित किसी भी उपकरण से एक्सेस किया जा सकेगा. मोबाइल फोन से भी इसका उपयोग कर सकेंगे.

5जी सेवाओं के लिए ऐप विकसित करेंगे केंद्र सरकार 5जी सेवाओं के लिए ऐप विकसित करने के लिए शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में 100 प्रयोगशालाएं स्थापित करेगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, यह ऐप नए अवसरों, व्यापार मॉडल और रोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देंगे. स्मार्ट क्लासरूम, परिवहन प्रणाली, स्वास्थ्य देखभाल में इनका इस्तेमाल होगा.

ई-लर्निंग डिजिटल इंडिया ई-लर्निंग के लिए सरकार ने 420 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. वहीं, अनुसंधान और नवाचार के लिए कुल व्यय बजट 210.61 करोड़ रुपये है. खासतौर पर मल्टी डिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च के जरिये तकनीकी शिक्षा में सुधार को 100 करोड़ रुपए मिले हैं.

● 38 हजार शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती 740 एकलव्य स्कूलों में होगी. इसका लाभ छात्रों को भी मिलेगा

● 47 लाख युवाओं को राष्ट्रीय प्रशिक्षुता योजना का लाभ तीन साल में

● 30 स्किल इंडिया नेशनल सेंटर खोले जाएंगे युवाओं को अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए कौशल प्रदान करने के लिए

● देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए तीन संस्थान बनेंगे. कृषि, स्वास्थ्य, शहरी विकास के लिए यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम होगा.

● प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 की शुरुआत अगले तीन वर्षों में होगी. इससे उद्योग केंद्रित पाठ्यक्रम रोबोटिक्स और कोडिंग आदि शुरू किए जाएंगे

● यूनिफाइड डिजिटल इंडिया प्लेटफॉर्म की स्थापना से कौशल विकास में तेजी आएगी

● बजट में आदिवासियों के विशेष स्कूल तैयार करने का निर्णय लिया गया है

● सिविल सेवकों और सरकारी कर्मियों में कौशल विकास के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम

● शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए अगले साल तक आधुनिक टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएंगे

स्कूल शिक्षा विभाग के बजट में करीब आठ फीसदी की बढ़ोतरी हुई. विभाग से संबंधित केंद्रीय योजनाओं के लिए 364.1 करोड़ दिए गए हैं. स्वायत्त निकायों का व्यय 14,391 करोड़ रुपये है. केंद्रीय विद्यालय संगठन के लिए 8,363 करोड़, नवोदय विद्यालय समिति के लिए 5,486.50 करोड़ रुपये और एनसीईआरटी को 518.50 करोड़ दिए गए हैं. स्कूली शिक्षा बजट का एक बड़ा हिस्सा समग्र शिक्षा के लिए है. सरकार ने देश की इस सबसे बड़ी स्कूली शिक्षा योजना के लिए 37,453 करोड़ दिए हैं. प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) के तहत 11,600 करोड़ खर्च होंगे. वहीं, उच्च शिक्षा विभाग के बजट में 7.9 का इजाफा हुआ है.

बजट में शिक्षा पर जो आवंटन दिया गया है, उससे शिक्षा जगत खुश है. बजट में सबसे अच्छी बात है कि इसमें कौशल और प्रशिक्षण पर जोर दिया गया है. देशभर में स्किल सेंटर खुलेंगे. यह उन बच्चों को फायदा पहुंचाएगा जो किसी न किसी वजह से पिछड़ गए हैं, जो गांव में हैं या जिनको अभी तक सुविधाएं नहीं मिल पाई थीं. शिक्षक प्रशिक्षण और शोध यह दो ऐसे क्षेत्र थे, जिनकी चर्चा हमेशा होती थी परंतु उस पर कभी काम नहीं होता था. इस बजट में इन क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है. शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जो बजट दिया गया है, वह सराहनीय है क्योंकि जब अच्छे शिक्षक होंगे तभी तो अच्छे बच्चे निकलेंगे. हम शिक्षा पर जो भी आवंटन करते थे उसका लाभ बच्चों को नहीं मिल पाता था क्योंकि शिक्षकों की दशा ठीक नहीं थी. अब शिक्षकों की गुणवत्ता बढ़ेगी और बच्चों की पढ़ाई और हुनर भी बेहतर होगा.

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