सुप्रीम कोर्ट ने कई राज्यों में सरकार-राज्यपालों के बीच जारी तकरार पर बुधवार को कड़ी नाराजगी जाहिर की. कोर्ट ने कहा कि वह इस बारे में दिशा-निर्देश बनाने पर विचार करेगा कि राज्यपाल विधानसभा से पारित बिलों को कब राष्ट्रपति के पास भेज सकता है.
कोर्ट ने यह टिप्पणी तब की जब केरल सरकार की ओर से कहा गया कि प्रदेश के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने विधानसभा से पारित सात विधेयकों को राष्ट्रपति को भेज दिया है. मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्र की पीठ ने सुनवाई की. पीठ ने विधानसभा से पारित आठ विधेयकों को दो साल से मंजूरी नहीं दिए जाने पर केरल के राज्यपाल की कड़ी आलोचना भी की है. पीठ ने कहा कि राज्यपाल ने दो सालों से आठ विधेयकों को लटकाए रखने के लिए उचित कारण नहीं बताया है. अदालत ने दोहराया कि राज्यपाल अपनी संवैधानिक शक्ति का इस्तेमाल विधायिका की कानून बनाने की प्रक्रिया को रोकने के लिए नहीं कर सकते.
उधर, मामले की सुनवाई से पहले, . केरल सरकार ने पीठ को बताया कि राज्यपाल विधानसभा के साथ काम करने के बजाय एक विरोधी के रूप में काम कर रहे हैं.
