बेंगलुरु. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि अमृतकाल का भारत एक फाइटर पायलट की तरह आगे बढ़ रहा है. भारत को अब ऊंचाइयां छूने से डर नहीं लगता और वह ऊंची उड़ान भरने के लिए उत्साहित है. येलहंका वायुसेना स्टेशन में ‘एयरो इंडिया’ के 14वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए उन्होंने यह बात कही.
प्रधानमंत्री ने कहा, 21वीं सदी का भारत न तो कोई अवसर गंवाएगा और न ही अपने सपनों को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करने से कतराएगा. आज का भारत एक फाइटर पायलट की तरह दूर तक की सोचता है और त्वरित निर्णय लेता है. हम कमर कस चुके हैं और सुधारों के रास्ते पर हर क्षेत्र में क्रांति ला रहे हैं.

आठ-नौ वर्षों में रक्षा उत्पादन क्षेत्र का ‘कायाकल्प’ प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में पेश किया. उन्होंने कहा, देश अनुकूल आर्थिक नीतियों के सहारे विश्व स्तर पर सैन्य साजोसामान के प्रमुख निर्यातकों में से एक बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा.
देश ने पिछले आठ-नौ वर्षों में अपने रक्षा उत्पादन क्षेत्र का ‘कायाकल्प’ किया है. भारत 2024-25 तक सैन्य साजोसामान के निर्यात को 1.5 अरब डॉलर से बढ़ाकर पांच अरब डॉलर करने की सोच रहा है.
गगनभेदी गर्जना में सुधार, प्रदर्शन की गूंज
प्रधानमंत्री ने कहा, एयरो इंडिया की गगनभेदी गर्जना में भी भारत के सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन की गूंज है. आज भारत में जैसी निर्णायक सरकार है, जैसी स्थायी नीतियां हैं, नीतियों में जैसी साफ नीयत है, वो अभूतपूर्व है.
भारत के लिए ‘लॉन्च पैड’
रक्षा और एयरोस्पेस के क्षेत्र में किए गए प्रयास भारत के लिए एक ‘लॉन्च पैड’ की तरह काम करेंगे. अब यहां से भारत दुनिया के सबसे बड़े रक्षा उत्पादन वाले देशों में शामिल होने के लिए तेजी से कदम बढ़ाएगा. इसमें हमारे निजी क्षेत्र और निवेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है.
