प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज ‘एमवी गंगा विलास’ और टेंट सिटी के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के वाराणसी और असम के डिब्रूगढ़ के बीच दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज एमवी गंगा विलास को हरी झंडी दिखाई. इसके बाद प्रधानमंत्री ने हल्दिया मल्टी मॉडल टर्मिनल और उत्तर प्रदेश और बिहार की सामुदायिक जेटी का उद्घाटन किया. इसके साथ ही उन्होंने गुवाहाटी में पांडु टर्मिनल में एक जहाज मरम्मत सुविधा और एक एलिवेटेड रोड का लोकार्पण किया.
एमवी गंगा विलास क्रूज शिप का शुभारंभ करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि ये क्रूज जहां से भी गुजरेगा, वहां पर विकास की नई लाइट तैयार करेगा. उन्होंने कहा कि क्रूज टूरिज्म के लिए ऐसी ही व्यवस्थाएं हम देशभर की नदी जलमार्गों में तैयार कर रहे हैं.
पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें
ये गंगा विलास क्रूज उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश और असम की यात्रा के दौरान हर तरह की सुविधा मुहैया कराएगा. ये क्रूज यात्रा एक साथ अनेक नए अनुभव लेकर आने वाली है.
ये गंगा विलास क्रूज 25 अलग-अलग नदियों से होकर गुजरेगा और जो लोग भारत के समृद्ध खान-पान का अनुभव लेना चाहते हैं, उनके लिए भी ये बेहतरीन अवसर है. यानी भारत की विरासत और आधुनिकता का अद्भुत संगम हमें इस यात्रा में देखने को मिलेगा.

2014 में सिर्फ 5 राष्ट्रीय जलमार्ग भारत में थे, आज 24 राज्यों में 111 राष्ट्रीय जलमार्गों को विकसित करने का काम हो रहा है. इनमें से लगभग दो दर्जन जलमार्गों पर सेवाएं चल रही हैं.
क्रूज़ टूरिज्म का ये नया दौर इस क्षेत्र में हमारे युवा साथियों को रोजगार-स्वरोजगार के नए अवसर देगा. विदेशी पर्यटकों के लिए तो ये आकर्षण होगा ही, देश के भी जो पर्यटक पहले ऐसे अनुभवों के लिए विदेश जाते थे… वो भी अब पूर्वी-उत्तर पूर्वी भारत का रुख कर पाएंगे.
काशी में गंगा पार बनी अद्भुत टेंट सिटी से वहां आने वाले और रहने का एक और बड़ा कारण देश-दुनिया के पर्यटकों-श्रद्धालुओं को मिला है.
इस मौके पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले तीन दिनों में रिवर क्रूज एमवी गंगा विलास के पर्यटकों ने वाराणसी और आसपास के स्थानों का दौरा किया और संस्कृति का अनुभव किया. पीएम आज राज्य में 5 नए घाटों का उद्घाटन करेंगे. काशी आज एक नई पहचान के साथ आगे बढ़ रही है.
1 दिनों में 3,200 किलोमीटर की दूरी तय करेगा क्रूज
एमवी गंगा विलास वाराणसी से अपनी यात्रा शुरू करेगा और 51 दिनों में लगभग 3,200 किलोमीटर की दूरी तय करेगा और बांग्लादेश होते हुए असम के डिब्रूगढ़ पहुंचेगा. इस दौरान यह क्रूज भारत एवं बांग्लादेश से गुजरने वाली 27 नदी प्रणालियों के रास्ते अपनी मंजिल तक पहुंचेगा. इस गंगा विवास क्रूज के माध्यम से 50 पर्यटन स्थल आपस में जुड़ेंगे. रिवर क्रूज ‘गंगा विलास’ में यात्रा करने के लिए विदेशी पर्यटक वाराणसी पहुंच चुके हैं.
