नई दिल्ली. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को दिल्ली सरकार के डीआईपी सचिव ने 164 करोड़ रुपए का रिकवरी नोटिस भेजा है. इसमें 10 दिन में रुपए जमा करने को कहा गया है. अगर 10 दिन में भुगतान नहीं किया जाता है, तो आप की प्रॉपर्टी के रूप में उसका दफ्तर सील किया जा सकता है. उपराज्यपाल के जिस आदेश के तहत रिकवरी नोटिस जारी किया गया है, उसमें कानूनी कार्रवाई के साथ प्रॉपर्टी अटैच करने की बात कही गई है. पिछले माह उपराज्यपाल ने सरकारी विज्ञापनों की आड़ में राजनीतिक प्रचार का आरोप लगाते हुए दिल्ली के मुख्य सचिव को आप से 2015-16 में विज्ञापनों पर हुए खर्च की वसूली करने का निर्देश दिया था.
19 दिसंबर को सबसे पहले, एलजी ने इस मामले में मुख्य सचिव को कार्रवाई करने का आदेश दिया था. उस आदेश में कहा गया था कि निर्धारित समय के भीतर अगर पार्टी भुगतान नहीं करती है, तो क़ानूनी कार्रवाई के साथ पार्टी की प्रॉपर्टी भी अटैच की जा सकती है. मुख्य सचिव को एलजी ने यह भी आदेश दिया था कि इस पूरे मामले की जानकारी चुनाव आयोग को भी दें.
यह है मामला
पिछले महीने दिल्ली के उपराज्यपाल ने सरकारी विज्ञापन की आड़ में राजनीतिक प्रचार का आरोप लगाते हुए दिल्ली के मुख्य सचिव को आम आदमी पार्टी से 2015-2016 में विज्ञापन पर हुए खर्च की वसूली आम आदमी पार्टी से करने का निर्देश दिया था. उपराज्यपाल के निर्देश के बाद दिल्ली सरकार के सूचना और प्रचार निदेशालय ने यह नोटिस जारी किया है.
सिसोदिया भड़के
नोटिस पर डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि भाजपा अधिकारियों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है. भाजपा के सभी मुख्यमंत्रियों के विज्ञापन दिल्ली के अखबारों में मिल जाएंगे. क्या भाजपा इनसे भी वसूली करेगी.
