मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आखिरकार दिल्ली का बजट पेश हो गया

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दिल्ली विधानसभा में पत्रकार वार्ता में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आखिरकार दिल्ली का बजट पेश हो गया. आज हमारी सरकार का नौवां बजट था. हमने अपने पूर्व वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया को बहुत याद किया. दिल्ली को उनकी आदत पड़ गई है. उनकी अनुपस्थिति में कैलाश गहलोत को शानदार बजट पेश करने के लिए बधाई देता हूं. उन्होंने कहा कि करीब 4788 करोड़ रुपये दिल्ली में मुफ्त में मिलने वाली योजनाओं पर खर्च किए जाएंगे. जो बजट का करीब 5 फीसदी है.

अरविंद केजरीवाल ने कहा मैं हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री से अपील करता हूं कि हम छोटे लोग हैं हमें राजनीति करनी नहीं आती है. घर में लड़ाई होती है वह घर बर्बाद हो जाते हैं. जिस राज्य में लड़ाई होती है वह राज्य बर्बाद हो जाते हैं. सब मिलजुल कर काम करेंगे तो तरक्की होगी.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि एलजी ने बजट पेश करने की अनुमति दे दी. उन्हें बजट से आपत्ति नहीं थी बल्कि वो चाहते थे कि आप हमारे सामने झूको और हम झुके. केंद्र ने आज तक बजट पर आपत्ति नहीं की. पहली बार केंद्र ने परंपरा तोड़ी. संविधान के मुताबिक एलजी का काम मंजूरी देना. एलजी फाइल पर कुछ नहीं लिख सकते.

इस वजह से आखिरी वक्त पर अटका बजट?

1- उपराज्यपाल ने पूछा है कि दिल्ली में मूलभूत ढांचे के विकास पर किया जाने वाला खर्च पूरे बजट का केवल 20 प्रतिशत क्यों है? उन्होंने कहा कि सामान्य राज्यों में यह खर्च 40-50 प्रतिशत तक होता है. 

2- दिल्ली सरकार ने अपने प्रचार का खर्च 550 करोड़ रूपये क्यों किया है? पहले यह बजट 270 करोड़ रुपये तक होता था. क्या इस पैसे को अन्य लाभकारी योजनाओं पर खर्च नहीं किया जा सकता था?

3- दिल्ली जलबोर्ड और दिल्ली परिवहन निगम स्वायत्त संस्थाएं हैं. इसका अर्थ है कि ये अपना खर्च स्वयं निकालने के लिए अधिकृत हैं. ये संस्थाएं अपने लिए ज्यादा आय के साधन क्यों नहीं बना रही हैं और इन पर सब्सिडी के माध्यम से भारी धन क्यों खर्च किया जा रहा है?

4- दिल्ली सरकार अपने मंत्रियों के बंगलों और कारों पर ज्यादा धन खर्च क्यों कर रही है, क्या इस अतिरिक्त धन को जनता की कल्याणकारी योजनाओं पर नहीं खर्च किया जा सकता था?

5- केंद्र सरकार की आयुष्मान योजना दिल्ली में क्यों लागू नहीं की जा रही है जिससे लोगों को 5 लाख रूपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सके?

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