छत्तीसगढ़ में गैस वितरण पर नया नियम, 20% सीमा तय

rashtra path
0 0
Share on Social Media
Read Time:2 Minute, 56 Second

रायपुर। प्रदेश में गैस आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए खाद्य विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक कर एलपीजी उपलब्धता, वितरण प्रणाली और उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कमर्शियल एलपीजी वितरण को लेकर नई गाइडलाइन तय की गई है, जिससे जरूरतमंद संस्थानों को समय पर गैस मिल सके और अव्यवस्था पर नियंत्रण रखा जा सके।

बैठक में निर्णय लिया गया कि कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ता संस्थानों को पिछले माह की कुल खपत के अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही गैस दी जाएगी। इससे सीमित संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा।

उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों के भीतर एलपीजी रिफिल की ऑनलाइन बुकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे समय पर आपूर्ति हो सके।

जिला प्रशासन को एलपीजी वितरकों के कार्यालय और गोदामों में पुलिस और होमगार्ड की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य भीड़भाड़ और अव्यवस्था को नियंत्रित करना है। साथ ही वितरकों को अपने संपर्क नंबर सक्रिय रखने और शिकायतों का त्वरित समाधान करने को कहा गया है।

उपलब्ध स्टॉक के आधार पर गैस वितरण के लिए प्राथमिकता श्रेणियां तय की गई हैं। इनमें शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, सैन्य और अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, होटल, समाज कल्याण संस्थान, रेलवे और एयरपोर्ट कैंटीन, शासकीय कार्यालय, गेस्ट हाउस, पशु आहार इकाइयां और रेस्टोरेंट शामिल हैं।

ऑयल कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एलपीजी स्टॉक और वितरण की रोजाना समीक्षा करें और इसकी रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध कराएं। इससे आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी और किसी भी कमी को समय रहते दूर किया जा सकेगा।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से नया नियम: कूड़ा चार डिब्बों में अलग-अलग करना अनिवार्य

Share on Social Mediaरायपुर। एक अप्रैल से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम लागू होने जा रहे हैं, जो शहर की स्वच्छता रैंकिंग के लिए “अग्निपरीक्षा” से कम नहीं होगा। नए नियमों के मुताबिक अब गीला और सूखा कचरा ही नहीं, बल्कि बायो-मेडिकल (सेनेटरी) और खतरनाक कचरे को भी अलग-अलग करके […]

You May Like