थप्पड़ का बदला बना खौफनाक वारदात, फरसा से गला काटकर हत्या

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बिलासपुर। कोटा क्षेत्र के ग्राम करगीखुर्द में थप्पड़ का बदला लेने के लिए एक ही परिवार के लोगों ने मिलकर फरसे से व्यक्ति का गला काट दिया। इस हमले में एक अन्य व्यक्ति घायल है। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दो महिलाओं समेत सभी आरोपित को हिरासत में लिया है।

कोटा एसडीओपी नुपूर उपाध्याय ने बताया कि करगीखुर्द में रहने वाले मोहन पांडेय (52) किसान थे। उनकी पत्नी सरकारी स्कूल में टीचर हैं। पत्नी की पोस्टिंग गनियारी में होने के कारण वे गनियारी के भाड़म में किराए के मकान में रहते थे। गांव में उनका मकान और खेत है। इसकी देखरेख के लिए वे समय-समय पर गांव जाते हैं।

होली के समय मोहन के घर की लकड़ियां चोरी हो गई थीं। इसी बात को लेकर 18 अप्रैल को मोहन ने लकड़ी चोरी का आरोप लगाकर गांव में रहने वाले राजाराम साहू को एक थप्पड़ मार दिया था। राजाराम ने इसकी शिकायत कोटा थाने में की थी।

रविवार की सुबह मोहन अपने दोस्त गनियारी निवासी शरद कौशिक को लेकर करगीखुर्द गए थे। उसे गांव में देखकर राजाराम और उसके परिवार के लोग मोहन के घर चले गए। चार दिन पहले हुए विवाद को लेकर राजाराम और उसके परिवार के लोगों ने मिलकर मोहन से मारपीट शुरू कर दी।

राजाराम और उसके परिवार के लोगों ने मोहन के गले पर फरसा से हमला कर दिया। हमले में मोहन की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, शरद को भी चोटे आई। घटना की सूचना पर कोटा पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घायल शरद को अस्पताल भेज दिया है, जहां पर उनका इलाज चल रहा है।

इधर पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ कर राजाराम साहू (21) और उसके परिवार की दो महिलाओं समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के पहुंचने से पहले गायब कर दिए हथियार और कपड़े

मारपीट से घायल शरद को अस्पताल भेजकर इलाज कराया। इसके बाद पुलिस ने शरद से पूछताछ की। तब शरद ने बताया कि राजाराम और उसके परिवार वालों ने घर में घुसते ही गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। वे अपने साथ लाठी और टंगिया लेकर आए थे। बीच-बचाव के दौरान हमलावर ने उनके सिर पर भी लाठी से वार किया।

इस बीच उन्होंने मोहन पर लाठी और टंगिया से हमला किया। हमले में मोहन की मौत हो गई। शरद ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। हमले के बाद आरोपित वहां से भाग निकले। भागते हुए वे अपने साथ लाए लाठी और टंगिया भी ले गए। जब पुलिस ने राजाराम को गिरफ्तार किया तब उसने टंगिया और घटना के दौरान पहने कपड़े और हथियार गायब कर दिए थे। अब पुलिस कपड़े और हथियार की तलाश कर रही है।

घायल शरद ने बताया कि आरोपित अपने घर से टंगिया और लाठी लेकर आए थे। मारपीट के दौरान उन्होंने मोहन के घर पर पूजा कमरे में रखे फरसा को निकाल लिया। इसी फरसे से आरोपित ने मोहन के गले में हमला किया। फरसा के हमले से मोहन की मौत हुई।

इसके बाद वे अपने साथ लाए हथियार को लेकर भाग निकले। वहीं, मोहन के घर से निकाले फरसे को मौके पर ही छोड़ दिया। फरसा को पुलिस ने जब्त कर लिया है।

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