रायपुर। युवा रत्न पुरस्कार प्राप्त करने वालों की तरफ से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मुलाकात की. इस अवसर पर युवाओं ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह पहली बार है कि पहली बार छत्तीसगढ़ में युवाओं को प्राथमिकता पर ऱखा गया है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अपने-अपने क्षेत्र में आगे काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार आपकी मदद के लिए हमेशा तत्पर है, किसी भी चीज के लिए जरूरत होने पर कोई संकोच नहीं करिए. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर युवाओं को लेकर अपनी सोच बताते हुए कहा कि शिक्षा बहुत जरूरी है. पुरखों ने कहा भी है कि शिक्षा विकास का मूलमंत्र है. शिक्षा प्राप्त कर डिग्री हासिल करना केवल नौकरी प्राप्त करने का माध्यम नहीं है. बल्कि सफल इंसान बनने के लिए, चाहे किसी भी क्षेत्र में हो, शिक्षा का होना जरूरी है. चाहे कृषि हो, व्यापार हो, चाहे समाजसेवा हो. या राजनीति हो. एक पढ़ा-लिखा आदमी और अनपढ़ दोनों जिंदगी जीते हैं, लेकिन दोनों के जीवन में जमीन और आसमान का अंतर होता है. विष्णु देव साय ने कहा कि हम युवाओं के लिए शिक्षा को बढ़ाना चाहते हैं. इसके लिए सरकार की तरफ से तमाम व्यवस्था है. अपना उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जब प्रायमरी स्कूल में पढ़ते थे, तो पांचवीं बोर्ड की परीक्षा के लिए सात किलोमीटर दूर गए थे. आज विकासखंड में कालेज की स्थापना है. आज प्रदेश में शिक्षा क्या नहीं है, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, निट, लॉ यूनिवर्सिटी सबकुछ है. मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी प्रतियोगी परीक्षा में बैठे इसके लिए कोचिंग की व्यवस्था की गई है. दिल्ली में भी हॉस्टर है, पहले 50 का था, अब उसको 185 कर दिए हैं. नालंदा परिसर खोल रहे हैं, 34 नालंदा परिसर खोल चुके हैं. नाममात्र का सदस्यता शुल्क में पूरी सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट पर बहुत जोर दे रहे हैं. आईटीआई उसके लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान कर अपडेट किया जा रहा है. जिससे युवाओं को प्रशिक्षत कर रोजगार से जोड़ें.
युवा रत्न पुरस्कार प्राप्त युवाओं से रू-ब-रू हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कहा- सरकार युवाओं की मदद के लिए हमेशा तत्पर…

