मतांतरण के खिलाफ उबाल सर्व समाज ने किया छत्तीसगढ़ बंद का ऐलान

rashtra path
Share on Social Media

रायपुर। कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में मतांतरण के मामलों और उसके विरोध में हुई हिंसक घटनाओं के साथ-साथ प्रशासनिक भेदभाव के आरोपों के खिलाफ 24 दिसंबर को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया गया है।

सर्व समाज छत्तीसगढ़ के इस आह्वान को छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने समर्थन देने की घोषणा की है।

सरकार ने देर शाम इंदिरा कल्याण एलेसेला को हटाकर गरियाबंद के एसपी निखिल अशोक कुमार रखेचा को कांकेर का एसपी बना दिया है। सर्व समाज के पदाधिकारियों ने सोमवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को शीघ्र लागू करने, कांकेर में जनजातीय समाज पर हुए हमलों के लिए जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार सामाजिक अशांति और जनजातीय आस्था पर आघात हो रहा है।

सांस्कृतिक टकराव के प्रयासों के विरोध में यह बंद शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में आयोजित किया जाएगा। इसमें विभिन्न सामाजिक, जनजातीय एवं नागरिक संगठन सहभागिता करेंगे। पदाधिकारियों ने कहा कि ईसाई मिशनरियों और कन्वर्जन-प्रेरित समूहों द्वारा सुनियोजित ढंग से तनाव और सामाजिक वैमनस्य फैलाया जा रहा है, जिसका दुष्परिणाम जनजातीय समुदायों को भुगतना पड़ रहा है।

उधर, राज्य सरकार ने सोमवार को भारतीय पुलिस सेवा के तीन अफसरों के तबादले किए हैं। कांकेर के आमाबेड़ा हिंसा के बाद वहां के एसपी इंदिरा कल्याण एलेसेला को हटा दिया है। एलेसेला को पुलिस उप महानिरीक्षक छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल उत्तरी रेंज सरगुजा पदस्थ किया गया है।

एलेसेला की जगह पर 2019 बैच के आइपीएस और गरियाबंद के एसपी निखिल अशोक कुमार रखेचा को कांकेर का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है।

निखिल हाल में नारायणपुर कलेक्टर बनाई गई नम्रता जैन के पति हैं। वहीं आइपीएस बनने के बाद भी पर्यटन बोर्ड में महाप्रबंधक पद पर पदस्थ वेदव्रत सिरमौर को सरकार ने वापस बुलाकर गरियाबंद जिले का एसपी नियुक्त किया है।

कांकेर जिले के आमाबेड़ा और बड़े तेवड़ा क्षेत्र में मंतातरण को लेकर उपजे विवाद व सामुदायिक तनाव ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान आदिवासी और मसीही समुदाय आमने-सामने आ गए। हालात बिगड़ने पर तीन चर्च और प्रार्थना भवनों में आगजनी, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं।

हिंसा नियंत्रित करने पहुंची पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। उपद्रव के दौरान एडिशनल एसपी, डीआइजी, एसआइ और एएसआइ सहित 25 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इस घटना को सरकार ने गंभीरता से लेते हुए एसएसपी एलेसेला को हटाने के संकेत दिए थे। सोमवार को गृह(पुलिस) विभाग के अवर सचिव डीएस ध्रुव के हस्ताक्षर से तबादला आदेश जारी भी कर दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

छत्तीसगढ़ में डिप्टी सीएम अरुण साव का एक्शन

Share on Social Mediaरायपुर। जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल करते हुए राज्य शासन ने भ्रष्टाचार में संलिप्तता और गिरफ्तारी पर लोक निर्माण विभाग के एक ईई और दो एसडीओ को निलंबित कर दिया है। विभाग ने बीजापुर के नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग के निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार के संबंध में […]

You May Like