रायपुर.छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सरकारी नौकरी में 58% आरक्षण लागू करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से छत्तीसगढ़ सरकार को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने इस आरक्षण पर लगी रोक हटा दी है. साथ ही भर्ती और प्रमोशन प्रक्रिया भी तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए हैं.
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने यहां लागू 58 प्रतिशत आरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण फैसला करते हुए इसे खारिज कर दिया था. छत्तीसगढ़ सरकार ने 2012 में 58 फीसदी आरक्षण की अधिसूचना जारी की थी, जिसे हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया था. कोर्ट ने कहा कि आरक्षण को 50 से बढ़ाकर 58 फीसदी करना असंवैधानिक है.
आरक्षण के कारण ये भर्तियां रुकीं
पीएससी-2021 का इंटरव्यू हो चुका है. रिजल्ट नहीं आया है.
वन सेवा परीक्षा के अंतर्गत अभी इंटरव्यू बाकी है.
असिस्टेंट डायरेक्टर रिसर्च की परीक्षा हो चुकी है. रिजल्ट बाकी है.
आयुर्वेद मेडिकल ऑफिसर की परीक्षा हो चुकी है. रिजल्ट बाकी है.
इंजीनियरिंग सर्विस-2021 की परीक्षा हो चुकी है. रिजल्ट बाकी है.
फिजियोथेरेपिस्ट के लिए परीक्षा हो चुकी है. रिजल्ट जारी होना बाकी है.
प्यून भर्ती के अंतर्गत परीक्षा हो चुकी है, लेकिन रिजल्ट बाकी है.
सीएमओ-2022 भर्ती परीक्षा हो चुकी है. रिजल्ट अभी बाकी है.
साइंटिफिक ऑफिसर के लिए परीक्षा हो चुकी है. रिजल्ट बाकी है.
सब इंस्पेक्टर की अभी परीक्षा ही पूरी नहीं हो सकी है.
इसके बाद अभी शिक्षकों की भर्ती, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, हॉस्टल वार्डन, लेबर इंस्पेक्टर, रेवेन्यू इंस्पेक्टर और सिंचाई विभाग के अंतर्गत अमीन पटवारी भर्ती के लिए आवेदन ही जारी नहीं किया गया है.
कोर्ट ने आबादी के अनुसार आरक्षण देने को भी गलत माना है. इस अधिसूचना के बाद प्रदेश में सारी सरकारी नियुक्तियां इसी आधार पर हुईं. महाधिवक्ता ने कहा कि चूंकि कोर्ट ने इन नियुक्तियों को लेकर कुछ नहीं कहा है, इसलिए ये यथावत रहेंगी. जिसके बाद इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गयी थी.
