कवर्धा में सोमवार को हादसे का शिकार हुई बस प्रयागराज से नहीं, बल्कि लखनऊ से चली थी। बस में सफर कर रहे यात्रियें को भी इसका पता नहीं था। हादसे के बाद बस के दोनों ड्राइवर भाग निकले थे। वहीं दैनिक भास्कर की पड़ताल में पता चला है कि बस का परमिट सिर्फ बारात के लिए था, लेकिन उसका संचालन सवारी ढोने में किया जा रहा था। खास बात यह है कि हादसे के साढ़े 5 घंटे बाद बस का रोड टैक्स भरा गया।
दरअसल, कवर्धा-बेमेतरा बार्डर पर पंडरिया ब्लॉक के बजाग-कुकदुर मार्ग पर हनुमत खोल के पास सोमवार सुबह करीब 7 बजे अनियंत्रित होकर बस पलटने से 18 यात्री घायल हुए थे, जबकि बेमेतरा के नांदघाट निवासी हरीचंद निषाद (19) पुत्र विजय निषाद की मौत हो गई थी। इस हादसे के साढ़े 5 घंटे बाद यानी दोपहर 12.29 बजे छत्तीसगढ़ का ऑनलाइन रोड टैक्स भरा गया।
यह बस उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तीन राज्यों में दौड़ लगा रही थी। इसके बावजूद इसे कहीं भी चेक नहीं किया गया। जबकि बस प्राइवेट थी और उत्तर प्रदेश में चुनाव भी चल रहे हैं। यह बस MP 18 P 0383 पक्षीराज ट्रेवेल्स की है, जो कि मध्य प्रदेश के शहडोल RTO में रजिस्टर्ड है। डीलक्स एयर कंडीशन यह बस 52 सीटर की है, लेकिन हादसे के वक्त बस में 60 सवारी बैठाई गई थी।
युवक की चाकू मारकर हत्या, शादी में डांस करने को लेकर विवाद
Tue Feb 15 , 2022
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