ट्रिपल मर्डर केस में फांसी की सजा, 6 साल बाद आरोपी को मिली मृत्युदंड

rashtra path
0 0
Share on Social Media
Read Time:3 Minute, 15 Second

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भिलाई ट्रिपल मर्डर केस में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी रवि शर्मा को मृत्यु दंड की सजा सुनाई है। करीब 6 साल पुराने इस जघन्य हत्याकांड में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने उपलब्ध ठोस साक्ष्यों के आधार पर इसे “दुर्लभतम से दुर्लभ” श्रेणी का अपराध मानते हुए फांसी की सजा सुनाई। घटना 21 जनवरी 2020 की है, जब भिलाई के तालपुरी स्थित पारिजात कॉलोनी में एक फ्लैट के अंदर से धुआं उठने की सूचना मिली। दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचने पर मंजू शर्मा की अधजली लाश, उसकी डेढ़ माह की बच्ची का शव और एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ। तीनों के हाथ-पैर और मुंह टेप से बंधे हुए थे। शुरुआत में तीसरे शव को आरोपी रवि शर्मा का माना जा रहा था, लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि वह कोई और व्यक्ति था। रवि ने अपने ही कद-काठी के एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की हत्या कर उसे जलाकर अपनी पहचान छुपाने की कोशिश की थी, ताकि पुलिस उसे मृत समझे और वह फरार हो सके। जांच में सामने आया कि आरोपी ने पहले अज्ञात व्यक्ति को शराब में नशीली दवा मिलाकर बेहोश किया और फिर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पत्नी मंजू को भी नींद की दवा देकर उसके हाथ-पैर बांधकर हत्या कर दी। अंत में अपनी डेढ़ माह की मासूम बच्ची को भी नहीं बख्शा और उसका गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शवों को जलाने और गैस सिलेंडर ब्लास्ट कर घटना को हादसा दिखाने की कोशिश की। साथ ही दीवार पर भ्रामक संदेश लिखकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास भी किया।

CCTV और कॉल डिटेल से खुला राज

पुलिस ने CCTV फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। घटना के बाद वह रायपुर होते हुए राउरकेला भाग रहा था, जहां रेलवे स्टेशन पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अभियोजन पक्ष की मजबूत दलीलों, वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई।मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश कुमार ध्रुव ने की थी, जबकि शासकीय अभिभाषक भावेश कटरे ने अदालत में प्रभावी पैरवी की।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

सड़क दुर्घटना में घायलों को मिल रहा पीएम-राहत योजना का लाभ

Share on Social Media1.50 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज की सुविधा, गोल्डन ऑवर में त्वरित उपचार पर जोर रायपुर । भारत सरकार की पीएम-राहत (प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट) योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को तत्काल एवं कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही […]

You May Like