वनाधिकार पट्टा और पीएम आवास से मुरिया परिवार को मिला नया जीवन

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मुरिया परिवार की बदली जिंदगी

रायपुर।  छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में वनाधिकार पट्टा और प्रधानमंत्री आवास योजना ने एक मुरिया आदिवासी परिवार के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। ग्राम बेदरे के निवासी  बोगाम भीमा के परिवार को शासन की इन दोहरी कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला है, जिससे उन्हें आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन मिला है।

छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का असर अब दूरस्थ और पहले नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी साफ दिखाई दे रहा है। सुकमा जिले के ग्राम पंचायत सिलगेर के आश्रित गांव बेदरे में रहने वाले मुरिया जनजाति के बोगाम भीमा का परिवार इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण है। पहले जिन परिस्थितियों में यह परिवार जीवन जी रहा था, वहां न तो स्थायी जमीन का अधिकार था और न ही सुरक्षित घर। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।

राज्य सरकार द्वारा बोगाम भीमा को 1.315 हेक्टेयर वनभूमि का वनाधिकार पट्टा मिला है। जिस जमीन पर वे वर्षों से खेती कर रहे थे, अब वह कानूनी रूप से उनकी हो गई है। इससे उनके जीवन में स्थिरता आई है और वे अब निश्चिंत होकर धान की खेती कर पा रहे हैं। यह पट्टा उनके लिए सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि सम्मान और अधिकार का प्रतीक बन गया है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनकी पत्नी के नाम पक्का मकान स्वीकृत हुआ। पहले जहां परिवार कच्चे घर में मौसम की मार झेलता था, अब वे सुरक्षित और मजबूत घर में रह रहे हैं। इससे उनके जीवन में सुरक्षा और आत्मसम्मान दोनों बढ़े हैं।

बोगाम भीमा के परिवार को महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1000 रूपए की आर्थिक सहायता भी मिल रही है, जिससे रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलती है। गांव में बिजली पहुंचने से अब उनके घर में रोशनी है और बच्चों की पढ़ाई भी बेहतर हो गई है। उनका बेटा शासकीय आश्रम छात्रावास में कक्षा 7वीं में पढ़ाई कर रहा है, जहां उसे रहने, खाने और पढ़ाई की पूरी सुविधा मिल रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में सरकार की योजनाएं वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। बोगाम भीमा ने सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनके परिवार को सम्मान, सुरक्षा और भविष्य की नई उम्मीद मिली है। यह सफलता की कहानी बताती है कि सही योजनाएं और सही क्रियान्वयन मिलकर किसी भी जीवन को बदल सकते हैं।

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