जिला चिकित्सालय बेमेतरा में डायलिसिस यूनिट बनी किडनी मरीजों की जीवनरेखा

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300 मरीजों को मिला लाभ, 7,000 से अधिक डायलिसिस सेशन सफलतापूर्वक पूर्ण

रायपुर।  जिला चिकित्सालय बेमेतरा में स्थापित आधुनिक डायलिसिस यूनिट किडनी रोगियों के लिए वरदान साबित हो रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मातृ एवं शिशु चिकित्सालय (एमसीएच) भवन में संचालित यह सुविधा अब तक 300 से अधिक मरीजों को जीवनदायी उपचार प्रदान कर चुकी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला चिकित्सालय में डायलिसिस सुविधा की शुरुआत 8 दिसंबर 2022 को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम ‘जीवनधारा’ के अंतर्गत की गई थी। प्रारंभ से ही यहां मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में यूनिट में 5 अत्याधुनिक डायलिसिस मशीनें स्थापित हैं, जिनके माध्यम से अब तक 7,000 से अधिक डायलिसिस सेशन सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। प्रतिमाह औसतन 300 से अधिक सेशन संचालित हो रहे हैं, जबकि वर्तमान में 27 सक्रिय मरीज नियमित रूप से यहां उपचार प्राप्त कर रहे हैं।
डायलिसिस यूनिट का नियमित निरीक्षण एम.डी. मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अस्मिता श्रीवास्तव एवं सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू द्वारा किया जा रहा है। डायलिसिस टीम के अनुसार सभी प्रक्रियाएं निर्धारित मानकों एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप संचालित की जा रही हैं। मशीनों का नियमित परीक्षण एवं समय-समय पर मेंटेनेंस सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हुआ है। यह सुविधा पूर्णतः निःशुल्क है।
डायलिसिस यूनिट की स्थापना से पहले मरीजों को उपचार के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे समय, धन एवं मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर ही समय पर उपचार उपलब्ध होने से न केवल आपातकालीन परिस्थितियों में जीवनरक्षक सहायता सुनिश्चित हो रही है, बल्कि मरीजों एवं उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ भी काफी हद तक कम हुआ है।
जिले के ग्राम ढ़ारा निवासी 51 वर्षीय श्रीमती कांति साहू ने बताया कि वह पिछले तीन वर्ष छह माह से डायलिसिस करवा रही हैं। पहले उन्हें मुंगेली और दुर्ग जाकर उपचार कराना पड़ता था, जिससे कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। वर्तमान में वह पिछले डेढ़ वर्ष से जिला चिकित्सालय बेमेतरा में सप्ताह में तीन दिन नियमित डायलिसिस करवा रही हैं। यहां निःशुल्क उपचार के साथ डॉक्टरों एवं स्टाफ का व्यवहार भी अत्यंत सहयोगात्मक है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।
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