डिजिटल व्यवस्था और धान के सर्वाधिक मूल्य से किसान हो रहे समृद्ध

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किसान तुहंर टोकन ऐप से 24×7 टोकन काटने की सुविधा

खेत में बोर कराकर सिंचाई का मिला साधन, अन्य फसलों की खेती से बढ़ी आमदनी

रायपुर । प्रदेश में धान खरीदी तिहार किसानों के लिए खुशहाली लेकर आया है। राज्य सरकार द्वारा धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य तथा पारदर्शी और तकनीक आधारित खरीदी व्यवस्था से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। धान उपार्जन केन्द्रों में लागू डिजिटल टोकन प्रणाली एवं सरल प्रक्रियाओं ने धान विक्रय को सुगम, सरल और आसान बना दिया है।

सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत मेंड्राकला धान उपार्जन केन्द्र में धान विक्रय के लिए पहुंचे ग्राम पंचायत भिट्ठी कला के रहने वाले लघु किसान श्री श्याम लाल ने बताया कि उनके पास कुल 111.80 क्विंटल धान का रकबा है। उन्होंने बताया कि पहले उन्होंने धान उपार्जन समिति के माध्यम से टोकन कटवाया था, जहां किसानों की अधिक भीड़ के कारण समय अधिक लगा। इसके बाद उन्होंने किसान तुहंर टोकन ऐप का उपयोग कर घर बैठे ही 22.80 क्विंटल का अपना टोकन काटा लिया।

किसान श्री श्याम लाल ने बताया कि डिजिटल टोकन सुविधा से टोकन काटना बेहद आसान हो गया है। अब समिति केन्द्र के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते, जिससे समय, श्रम और खर्च की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था किसानों को सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि धान उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही नमी परीक्षण सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं त्वरित रूप से पूर्ण की गईं तथा समय पर बारदाना उपलब्ध कराया गया। तौल की प्रक्रिया भी पूरी तरह सुव्यवस्थित रही और धान विक्रय में किसी प्रकार की समस्या नहीं आई।

कृषक श्री श्याम लाल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का सर्वाधिक मूल्य दिया जा रहा है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष धान विक्रय से प्राप्त आय से उन्होंने खेत में बोर कराया, जिससे सिंचाई की साधन उपलब्ध हुआ। वर्तमान में वे खेती का विस्तार करते हुए गेहूं, दलहन, तिलहन एवं सब्जी की खेती भी कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है।

कृषक श्री श्याम लाल ने धान खरीदी की पारदर्शी और किसान हितैषी व्यवस्था की सराहना करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि डिजिटल व्यवस्था ने किसानों के लिए धान विक्रय करना आसान बनाया है।

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